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आतंकवाद और क्रूरता की क्या है नई परिभाषा, दोषी पाए जाने पर क्या मिलेगी सजा?

Bharatiya Nyay Sanhita: भारतीय न्याय संहिता में आंतकवादी कृत्य और क्रूरता की नई परिभाषा तैयार की है। इसमें कई बदलाव किए गए हैं। क्रूरता की नई परिभाषा में महिलाओं के प्रति कानून को और ज्यादा संवेदनशील बनाने की दिशा में पहल की गई है।

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New Definition about Terror activities: केंद्र सरकार ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) में कुछ बदलाव किए हैं। 12 दिसंबर 2023 को बीएनएस ने आतंकवादी कृत्य और क्रूरता की नई कानूनी परिभाषा गढ़ी। इसके अनुसार नए क्रिमिनल कोड में फर्जी नोट चलाना, सरकार को धमकाने के लिए अपहरण करना, किसी को घायल करना और उसकी मौत की वजह बनने को आतंकवाद की श्रेणी में शामिल किया गया है। वहीं क्रूरता की नई परिभाषा में किसी महिला के मानसिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाना शामिल है।

देश की आर्थिक सुरक्षा को खतरे में डालना भी आतंकवाद

बीएनएस की आतंकवाद की नई परिभाषा में देश की आर्थिक सुरक्षा को खतरे में डालने वाले नकली मुद्रा को चलन में लाने को शामिल किया गया है। दरअसल केंद्र सरकार ने बीएनएस में दो नए सेक्‍शन जोड़े हैं जो आपराधिक प्रक्रिया संहिता सहित मौजूदा आपराधिक कानूनों को बदलने के लिए बनाए गए तीन विधेयकों में से एक हैं।

नए विधेयक में कौन सी नई बात की गई शामिल?

क्रूरता से संबंधित विधेयक के पिछले संस्करण के अन्तर्गत धारा 85 में पति या उसके परिजनों को पत्नी की प्रताड़ना का दोषी पाए जाने पर तीन साल तक की जेल की सजा प्रावधान था। अब नई परिभाषा में महिला के मानसिक और उसके शारीरिक स्वास्थ्य तक को शामिल किया गया है। दरअसल पिछले संस्करण में क्रूरता को परिभाषित नहीं किया गया था। इसके अन्तर्गत एक और नई बात यह शामिल की गई है कि किसी यौन उत्पीड़न की शिकार महिला की अनुमति के बिना अदालती कार्यवाही के बगैर उसकी पहचान उजागर करने पर दो साल तक की जेल की सजा का प्रावधान किया गया है।

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