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ये सोमा लैशराम कौन हैं? मणिपुर हिंसा के मामले में लगा तीन साल का बैन

मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने राज्य में भले ही इंटरनेट बैन खत्म कर दिया है लेकिन मणिपुर हिंसा की आग अभी भी जल रही है।

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मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह ने राज्य में भले ही इंटरनेट बैन खत्म कर दिया है लेकिन मणिपुर हिंसा की आग अभी भी जल रही है। इसी में मणिपुर फिल्मों की बड़ी नायिका में शुमार की जाने वाली सोमा लैशराम के दामन में भी आग लग गई है। वह नई दिल्ली में एक सौंदर्य प्रतियोगिता में भाग लेने पहुंच थी। कांगलेपाक कनबा लूप ने मणिपुर हिंसा को देखते हुए राज्य के लोगों से सार्वजनिक कार्यक्रमों में शामिल न होने की अपील की थी। यह एक सामाजिक संगठन है।

तीन साल के लिए बैन

सोमा लैशराम ने जब संगठन की अपील का उल्लघंन किया तो उन पर तीन साल के लिए किसी फिल्म में काम करने और सार्वजनिक कार्यक्रम में भाग लेने पर रोक लगा दिया। सोमा ने इस बैन का विरोध किया है। उन्होंने कहा वे शॉक्ड हैं। उन्होंने कहा कि वह एक कलाकार हैं और उन्होंने ऐसा अपने राज्य और मातृभूमि मणिपुर के सम्मान में किसी तरह की कमी की है। कार्यक्रम मेरे राज्य के सम्मान से जुड़ा तो ही इसमें भाग लिया। ऐसे में इस बैन ने मुझे आहत किया है। मणिपुर फिल्म फोरम ने भी कांगलेपाक कनबा लूप के बैन का विरोध किया है। इसी विवाद के चलते इस समय इंटरनेट पर सोमा लैशराम का फोन नंबर सबसे अधिक खोजा जा रहा है।

कौन हैं सोमा लैशराम?

सोमा लैशराम मणिपुर की सबसे बड़ी अदाकारा में से एक हैं। वह गायन भी करती हैं। मणिपुर पर्यटन विभाग की ब्रांड अंबेस्डर भी हैं। अब तक वह 150 से अधिक मणिपुरी फिल्में कर चुकी हैं। इंफाल के मणिपार की रहने वाली सोमा ने फिल्म नुरेई, हू छागे , लोइबतारे ता राजू और चानू आईपीएस जैसी प्रसिद्ध फिल्म की है। 'एनक्टा लेरिंजई' के लिए 11वें मणिपुरी राज्य फिल्म पुरस्कार में बेहतरीन नायिका का पुरस्कार भी अपने नाम किया था। सोमा लैशराम ने रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया-अठावले में शामिल हो युवा लड़कियों की शाखा की राज्य अध्यक्ष का पद संभाला।