
Rajasthan Arms Network : राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी एनआईए ने हथियारों, गोला-बारूद और विस्फोटकों की तस्करी करने वाले एक बहुत बड़े नेटवर्क का खुलासा किया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर का यह वेपन नेटवर्क गुजरात, राजस्थान, कश्मीर समेत पूरे उत्तर-पूर्व के सीमावर्ती इलाकों में विशेष रूप सक्रिय है। सीमा पार से हथियार लाकर यह नेटवर्क पूर्व से पश्चिम तक पहुंचा रहा था। एनआईए ने नेटवर्क के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है।
एक महीने से थी नजर
राष्ट्रीय जांच एजेंसी मणिपुर दंगे के बाद लगातार मामले पर नजर बनाए हुए थी। मणिपुर हिंसा में हथियारों का सिरा तलाश रही थी। इस तलाश में करीब एक महीने की लंबी और सघन जांच के बाद इस नेटवर्क के लालनगेहीमा नाम के शीर्ष तस्कर को मिजोरम की राजधानी आइजोल से गिरफ्तार किया है।
आतंकियों को पहुंचा रहे हथियार
यह नेटवर्क बदमाशों को ही नहीं उग्रवादियों और आतंकियों को भी हथियार पहुंचा रहे थे। एजेंसी ने अपनी जांच में पाया है कि पूरा नेटवर्क अलगाववादियों के लिए काम कर रहा था। यह गोला, बारूद और एके सीरीज की राइफल, स्नाइपर, ग्रेनेड लांचर की बड़ी से बड़ी खेप पहुंचा रहे थे। अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर सक्रिय देशविरोधी तत्व भी इस नेटवर्क से हथियार लेते रहे।
हिंसा में विदेशी हथियार
मणिपुर हिंसा में एजेंसी ने विदेशी हथियारों की खेप देखी तो कान खड़े हो गए। इसके बाद जांच में यह सामने आया है। गौरतलब है कि मणिपुर में कूकी और मैतेई समुदायों के बीच हुई हिंसा में बड़ी मात्रा में विदेशी हथियार इस्तेमाल किए गए थे। पुलिस, अर्धसैनिक चल और सेना में पाया कि उपद्रवी जिन हथियारों का इस्तेमाल कर रहे थे। वह उन्हें सीमा पार से आपूर्ति कराए गए थे। एनआईए ने 26 दिसंबर 2023 को मामला दर्ज करते हुए इसकी जांच शुरू की थी।
Updated on:
04 Feb 2024 10:22 pm
Published on:
04 Feb 2024 10:20 pm
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