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राजौरी-पुंछ आतंकी हमलों में पाकिस्तानी मिलीभगत का पर्दाफाश करेगी NIA

हाल ही में राजौरी और पुंछ में हुए आतंकी हमलों की जांच करते हुए इस हमले में पाकिस्तानी मिलीभगत का पर्दाफाश करेगी। वहीं गृहमंत्री अमित शाह ने पीड़ित परिवार से अगली बार मिलने का आश्वासन दिया है।

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Abhishek Kumar Tripathi

Jan 14, 2023

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NIA to unravel Pakistani complicity in Rajouri-Poonch terror attacks

राजौरी-पुंछ में हुए आतंकी हमले की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप दिया गया है। गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि जम्मू पुलिस और NIA मिलकर इस हमले की जांच करेगी। इसके साथ ही पिछले डेढ़ साल में जितनी भी आतंकी घटनाएं हुई है उनकी भी जांचों को NIA देखेगी। वहीं गृहमंत्री अमित शाह ने पीड़ित परिवार से अगली बार मिलने का आश्वासन भी दिया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार गृहमंत्री अमित शाह ने राजौरी-पुंछ आतंकी हमलों की जांच NIA को इसलिए सौंपी है क्योंकि इसके पीछे उनका उद्देश्य पाकिस्तानी मिलीभगत को इन हमलों को लेकर भी उजागर करना है। हालांकि इससे पहले भी भारत कई बार आतंकी हमलों को लेकर पाकिस्तान की मिलीभगत का खुलासा कर चुका है। इसके बाद भी पाकिस्तान अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। दुनिया के सामने वह आतंकवाद के खिलाफ बोलता है और अपने ही देश और POK में कई आतंकी संगठनों को शरण देकर रखा हुआ है, जिनका यूज वह भारत के खिलाफ करता है।

जिस आतंकी हमले की जांच गृहमंत्री ने NIA को सौंपी है वह आतंकी हमला इसी महीने 1 और 2 जनवरी 2023 को हुआ था। इनपुट में पता चला है कि आतंकी हमलावर लाहौर स्थित लश्कर ग्रुप के थे। जिसका नेतृत्व पाकिस्तानी सैफुल्ला साजिद जट और उसकी कश्मीरी पत्नी कर रही थी।

हरकत-उल-जिहाद-इस्लामी के जरिए आतंकवादी घटनाओं को बढ़ाना चाहता है पाकिस्तान
पाकिस्तान जम्मू-कश्मीर में हरकत-उल-जिहाद-इस्लामी (हूजी) के माध्यम से आतंकवाद को पुनर्जीवित करने की कोशिश कर रहा है, इसके प्रमुख नसीरुल्ला मंसूर ने राजौरी में मुस्लिम युवाओं को कट्टरपंथी बनाने के अलावा कुवैत और कतर में धन जुटाकर समूह गतिविधियों का विस्तार किया है। इसके साथ ही सुरक्षा एजेंसियों को इनपुट के आधार पर पता चला है कि पाकिस्तान आंतकी ग्रुप लश्कर और जैश-ए-मोहम्मद के जरिए राजौरी और पुंछ जिलों में अल्पसंख्यकों का टारगेट कीलिंग करना चाहता है ताकि सांप्रदायिक और घाटी में तनाव को बढ़ाया जा सके।

युवाओं को भड़काने वालों पर भी NIA की रहेगी नजर
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अब NIA न केवल इन आतंकी हमलों की जांच करेगी बल्कि पाकिस्तान द्वारा प्रायोजित आतंकवादी ग्रुपों के जरिए आतंकवाद बढ़ाने के प्रयासों को भी विफल करने में मदद करेगी। वहीं सोशल मीडिया का यूज करके युवाओं को भड़काने वालों पर भी NIA की नजर रहेगी।

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