
BJP के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बने नितिन नबीन (Photo-IANS)
Nitin Nabin appointed BJP working president: हाल ही में जब खबर आई कि केंद्रीय कृषि मंत्री और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की सुरक्षा बढ़ाई गई है, तो अटकलों का दौर शुरू हो गया। कहा जाने लगा कि शिवराज को भाजपा का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया जा सकता है। पहले भी इस तरह की चर्चा होती रही है, लेकिन एकदम से सुरक्षा बढ़ाने के बाद इस चर्चा में वजन नजर आने लगा। हालांकि, इसके ठीक एक दिन बाद जो खबर आई, उसने तस्वीर को एकदम पलट कर रख दिया।
भाजपा ने बिहार के मंत्री नितिन नबीन को पार्टी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया है। नबीन अगले राष्ट्रीय अध्यक्ष की नियुक्ति तक यह जिम्मेदारी संभालेंगे। भाजपा में पिछले काफी समय से नए राष्ट्रीय अध्यक्ष की तलाश चल रही है। नबीन के कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त होने के बाद माना जा रहा है कि अब राष्ट्रीय अध्यक्ष पर भी जल्द फैसला हो सकता है। क्योंकि आमतौर पर चुनाव के नजदीक होने पर कार्यकारी बनाए जाते हैं। यहां तक देखें तो शिवराज सिंह चौहान और राष्ट्रीय अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठने का सपना देखने वाले के लिए सबकुछ ठीक नजर आता है, लेकिन ऐसा है नहीं।
नितिन नबीन के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनने से अध्यक्ष की कुर्सी शिवराज जैसे नेताओं से बहुत दूर चली गई है। भाजपा का इतिहास उठाकर देखें तो कार्यकारी अध्यक्ष को पूर्णकालिक अध्यक्ष बनाने की एक अघोषित परंपरा नजर आती है। अगर यह परंपरा इस बार भी अमल में आती है, जिसकी उम्मीद अधिक है, तो नितिन ही भाजपा के 'नवीन' अध्यक्ष होंगे।
भाजपा के संविधान के अनुसार, कोई भी पात्र सदस्य 3-3 साल के लगातार 2 कार्यकाल यानी कुल 6 साल तक अध्यक्ष रह सकता है। पूर्व में कई राष्ट्रीय अध्यक्ष किसी न किसी वजह से अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाए और बाद में यह जिम्मेदारी दूसरों को देनी पड़ी। उदाहरण के तौर पर जब बंगारू लक्ष्मण भ्रष्टाचार से जुड़े मामले में फंसे, तो पार्टी ने उनका इस्तीफा लेकर पहली बार जना कृष्णमूर्ति को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया। इसके कुछ ही समय बाद उन्हें पूर्णकालिक अध्यक्ष नियुक्त कर दिया गया। बंगारू साल 2020 में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बने थे और मार्च 2021 में उन्हें इस्तीफा देना पड़ा था।
अमित शाह 2014 में भाजपा के नेशनल प्रेसिडेंट बने। 2019 में जब उनका दूसरा कार्यकाल समाप्त हुआ, तो जेपी नड्डा को पहले कार्यकारी अध्यक्ष और बाद में पूर्णकालिक अध्यक्ष नियुक्त किया गया। 2024 में उनका कार्यकाल समाप्त हो गया था, लेकिन उन्हें एक साल का एक्सटेंशन दिया गया। इस गणित के हिसाब से संभावना ज्यादा है कि भाजपा परंपरा का पालन करते हुए नितिन नबीन को कार्यकारी से पूर्णकालिक अध्यक्ष नियुक्त कर दे। अगले साल की शुरुआत में नए अध्यक्ष के नाम की घोषणा हो सकती है।
वैसे, भाजपा चौंकाने वाले फैसलों के लिए पहचानी जाती है। शिवराज सिंह चौहान को मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री की कुर्सी से हटाना और उनकी जगह मोहन यादव की ताजपोशी चौंकाने वाला फैसला था। इसी तरह, मध्य प्रदेश भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति भी हैरान करने वाली रही। दिग्गज नेताओं को किनारे करते हुए हेमंत खंडेलवाल के नाम पर मुहर लगाई गई। राजस्थान के मुख्यमंत्री के तौर पर भजनलाल शर्मा का नाम भी चौंकाने वाला रहा। राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष के तौर पर नितिन नबीन की ताजपोशी भी कम चौंकाने वाला फैसला नहीं है। ऐसे में अगर पार्टी परंपरा से इतर जाते हुए शिवराज सिंह या किसी दूसरे नेता को राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित करती है तो कोई अतिशयोक्ति नहीं होगी।
Updated on:
15 Dec 2025 01:56 pm
Published on:
15 Dec 2025 01:39 pm
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