31 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

ऑपरेशन ब्लूस्टार की बरसी : स्वर्ण मंदिर में कट्टरपंथियों का जमावड़ा, लगाए खालिस्तानी समर्थक नारे

Operation Blue Star Anniversary: ऑपरेशन ब्लू स्टार की 39वीं बरसी पर अमृतसर का माहौल गरम है। स्वर्ण मंदिर में बड़ी संख्या में कट्टरपंथी पहुंचे हैं। जो जनरैल सिंह भिंडरावाले के पोस्टर के साथ-साथ खालिस्तानी नारे लगाते नजर आए।  

3 min read
Google source verification
ऑपरेशन ब्लूस्टार की बरसी : स्वर्ण मंदिर में कट्टरपंथियों का जमावड़ा, लगाए खालिस्तानी समर्थक नारे

ऑपरेशन ब्लूस्टार की बरसी : स्वर्ण मंदिर में कट्टरपंथियों का जमावड़ा, लगाए खालिस्तानी समर्थक नारे

Operation Blue Star Anniversary: आज ऑपरेशन ब्लू स्टार की 39वीं वर्षगांठ मनाई जा रही है। इस मौके पर अमृतसर स्थित गोल्डन टेंपल में बड़ी संख्या में कट्टरपंथी शामिल हुए। यहां सुबह से कट्टरपंथी जमा होने लगे थे। ये कट्टरपंथी हाथों में जनरैल सिंह भिंडरावाले के पोस्टर लिए खालिस्तानी नारे लगाते भी दिखे। इसका एक वीडियो भी सामने आया है। जिसमें पंजाबी में खालिस्तानी समर्थक नारेबाजी होती नजर आ रही है। सिख कट्टरपंथी समूह दल खालसा ने वर्षगांठ मनाने और खालिस्तान के समर्थन में शहर में एक रैली का आयोजन किया। अमृतसर बंद का आह्वान करने वाले कट्टरपंथी संगठन के साथ पंजाब भर में कड़ी सुरक्षा देखी गई है। इधर अकाल तख्त ने एसजीपीसी को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि ऑपरेशन ब्लूस्टार की वर्षगांठ के दौरान स्वर्ण मंदिर की पवित्रता भंग न हो।



स्वर्ण मंदिर की पवित्रता का रखा जाए ख्याल

इधर अकाल तख्त के कार्यवाहक जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह के निजी सहायक जसपाल सिंह ने एसजीपीसी के सचिव को लिखा है कि स्वर्ण मंदिर की पवित्रता को ध्यान में रखते हुए तत्कालीन जत्थेदार ज्ञानी जोगिंदर सिंह के हस्ताक्षर से पारित प्रस्ताव को अकाल तख्त के निर्देशानुसार पूरी तरह लागू किया जाए।

1-6 जून 1984 तक चले ब्लू स्टार में 493 लोगों की हुई थी मौत

मालूम हो कि ऑपरेशन ब्लूस्टार अमृतसर के स्वर्ण मंदिर परिसर में छिपे जरनैल सिंह भिंडरावाले के नेतृत्व वाले उग्रवादियों को बाहर निकालने के लिए दिवंगत प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के आदेश पर एक सैन्य कार्रवाई थी। ऑपरेशन ब्लूस्टार 1 और 6 जून, 1984 के बीच किया गया था। इसमें 493 लोगों की जान चली गई थी, धर्मस्थल और परिसर क्षतिग्रस्त हो गया था।


आप सांसद ने दस्तावेज सार्वजनिक किए करने की मांग की

दूसरी ओर आप सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी ने ऑपरेशन ब्लूस्टार' से जुड़े सभी सरकारी दस्तावेजों को सार्वजनिक किए जाने की मांग की है। आप सांसद ने प्रधानमंत्री कार्यालय और केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजे मैसेज में साहनी ने उनसे आग्रह किया कि फाइलों को सुलभ बनाया जाना चाहिए।

'ऑपरेशन ब्लूस्टार' को हजारों लोगों की नृशंस हत्य और हरमंदिर साहिब और सिख धर्म के सर्वोच्च स्थान अकाल तख्त साहिब में पवित्र गर्भगृह पर तोड़फोड़ के साथ मानव अधिकारों का घोर उल्लंघन बताते हुए साहनी ने एक बयान में कहा कि संग्रहालय और स्वर्ण मंदिर के तोशाखाना को नष्ट किए जाने से हमारे वंश और इतिहास से संबंधित बहुमूल्य ग्रंथों और अभिलेखों का नुकसान हुआ है।

ऑपरेशन ब्लू स्टार को हम भूल नहीं सकतेः आप सांसद

साहनी ने कहा कि इस जघन्य अपराध के लिए केवल सच्चाई जानना ही न्याय होगा, जिसके लिए यह जरूरी है कि सभी संबंधित दस्तावेजों को सार्वजनिक किया जाए। साहनी ने 'ऑपरेशन ब्लूस्टार' के बारे में विवरण जारी करने की संवेदनशीलता पर जोर देते हुए कहा कि हम यह नहीं भूल सकते कि 39 साल बीत चुके हैं और जो कुछ हुआ उसे भूलना असंभव है, हालांकि, दस्तावेजों के अनावरण के साथ सच्चाई इस बात की बेहतर समझ पैदा करेगी कि इस सैन्य अभियान के लिए क्या साजिश रची गई थी।



राज्य भर में सुरक्षा कड़ी, अमृतसर में पुख्ता इंतजाम

ऑपरेशन ब्लूस्टार की बरसी को ध्यान में रखते हुए, पंजाब पुलिस ने राज्य भर में सुरक्षा कड़ी कर दी है। अधिकारियों ने कहा कि पुलिस टीमें सभी 28 पुलिस जिलों में जनता के बीच विश्वास जगाने के उपाय के रूप में संवेदनशील क्षेत्रों में फ्लैग मार्च कर रही हैं।

अमृतसर के डीसीपी जेएस वालिया ने कहा कि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। हर तरफ पैरामिलिट्री फोर्स व पुलिस बल तैनात है। स्थिति बिल्कुल शांतिपूर्ण है। शहर में कोई भी कुछ गलत करने की कोशिश करेगा तो उसके खिलाफ सख्ती से कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

यह भी पढ़ें - Operation Blue Star: 493 लोगों की मौत, 83 जवान शहीद, जानिए पूरी कहानी

Story Loader