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भारत के आंतरिक मामलों में यूरोपीय संसद में प्रस्ताव लाने का विरोध

-द्विपक्षीय बैठक में स्पीकर बिड़ला ने जताई आपत्ति- आधा दर्जन से अधिक देशों के साथ की बैठकें

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भारत के आंतरिक मामलों में यूरोपीय संसद में प्रस्ताव लाने का विरोध

यूरोपीय यूनियन संसद की वाइस प्रेजिडेंट निकोला बीयर से मुलाकात करते लोकसभा स्पीकर ओम बिरला।

नई दिल्ली। भारत ने अपने आंतरिक मामलों में यूरोपीय संसद में प्रस्ताव लाए जाने को लेकर कड़ी आपत्ति जताते हुए विरोध किया है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने G-20 देशों के संसदीय प्रमुखों के P-20 शिखर सम्मेलन के मौके शनिवार को यूरोपीय यूनियन संसद की वाइस प्रेजिडेंट निकोला बीयर के साथ द्विपक्षीय वार्ता के दौरान यह मुद्दा उठाया। उन्होंने संप्रभुता की बात करते हुए भारत के आंतरिक मुद्दों पर यूरोपीय संसद में प्रस्ताव लाने का विरोध किया। बिरला ने जोर देकर कहा कि हर देश और संसद संप्रभु है। उनके आंतरिक मुद्दों पर दूसरों को चर्चा नहीं करनी चाहिए।

बीयर ने भारत के साथ यूरोपीय संसद के घनिष्ठ संबंधों की चर्चा करते हुए P-20 के सफल आयोजन के लिए बिरला को बधाई दी। बिरला ने बीयर को अगले वर्ष भारत के आम चुनावों के दौरान लोकतंत्र का उत्सव देखने के लिए आमंत्रित किया।

सम्मेलन के दौरान बिरला ने रूसी संघ की फेडरल असेंबली की फेडरेशन काउंसिल की स्पीकर वेलेंटीना मतवियेंको, तुर्की की ग्रैंड नेशनल असेंबली के स्पीकर कुर्तुलमस, सिंगापुर की संसद के स्पीकर सियाह कियन पेंग, नीदरलैंड की सीनेट के प्रेसिडेंट जान एंथोनी ब्रुइजन, दक्षिण अफ्रीका संसद की पीठासीन अधिकारी नोसिविवे नोलुथांडो मापिसा-नकाकुला और मैक्सिको के चैंबर ऑफ डेप्युटीज की प्रेसिडेंट मार्सेला गुएरा कैस्टिलो सहित आधा दर्जन से अधिक देशों के संसदीय प्रमुखों के साथ भी द्विपक्षीय बैठकें की। इस दौरान बिरला ने आपसी सम्बन्धों पर चर्चा करते हुए P-20 शिखर सम्मेलन को सफल बनाने के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।

आईपीयू अध्यक्ष से मुलाकात

बिरला ने अंतर-संसदीय संघ (IPU) के प्रेसिडेंट दुआर्ते पचेको से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि भारत लोकतांत्रिक शासन को बढ़ावा देने व लोगों की सेवा के लिए सशक्त संसदों के निर्माण के एजेंडा में आईपीयू के साथ है। बिरला ने लोकतांत्रिक सिद्धांतों व बहुपक्षवाद को प्राथमिकता देने और वैश्विक मंचों पर सभी को उचित प्रतिनिधित्व देने का सुझाव दिया।