
जर्मनी-चीन को टक्कर देता है हमारा नया प्रगति मैदान कन्वेंशन सेंटर
सुरेश व्यास
नई दिल्ली। प्रगति मैदान कॉम्पलेक्स जी-20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी के लिए तैयार है। करीब 123 एकड़ में बना प्रगति मैदान अंतरराष्ट्रीय व्यापार संवर्धन संगठन (आईटीपीओ) कॉम्प्लेक्स बैठकों, सम्मेलनों और प्रदर्शनियों के आयोजन के लिए भारत का सबसे बड़ा सेंटर है। यह जर्मनी के हनोवर एक्जीबिशन सेंटर, चीन के शंघाई में राष्ट्रीय प्रदर्शनी व कन्वेंशन सेंटर जैसी बड़ी सरंचनाओं को टक्कर देता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 26 जुलाई को इसका उद्घाटन करेंगे। 18वें जी-20 शिखर सम्मेलन के राष्ट्राध्यक्षों और शासनाध्यक्षों की बैठक आगामी 9 व 10 सितंबर को इस नए कन्वेंशन सेंटर में प्रस्तावित है।
प्रधानमंत्री कार्यालय ने रविवार को कहा कि नवविकसित आईटीपीओ कॉम्पलेक्स आयोजनों के लिहाज से निर्मित स्थान की दृष्टि से दुनिया के 10 बड़े प्रदर्शनी व कन्वेंशन सेंटर्स में से एक है। बैठक क्षमता के हिसाब से यह आस्ट्रेलिया के प्रसिद्ध ओपेरा हाउस से भी बड़ा है। प्रगति मैदान कॉम्पलेक्स के लेवल-तीन में एक साथ सात हजार लोग बैठ सकते हैं, जबकि ओपेरा हाउस की क्षमता 5500 से ज्यादा है। यह प्रभावशाली विशेषता इसे वैश्विक स्तर पर मेगा सम्मेलनों, अंतरराष्ट्रीय शिखर सम्मेलनों और सांस्कृतिक समारोहों की मेजबानी के लिए उपयुक्त स्थान के रूप में स्थापित करती है। इसका आकार और बुनियादी ढांचा बड़े पैमाने पर विश्व स्तरीय आयोजनों की मेजबानी करने की भारत की क्षमता का प्रमाण है।
तीन पीवीआर के बराबर एम्फीथिएटर
कॉम्पलेक्स में तीन पीवीआर थिएटरों की क्षमता जितना एम्पीथिएटर बनाया गया है। इसमें तीन हजार लोग बैठ सकते हैं। इसके अलावा सात अत्याधुनिक प्रदर्शनी हॉल बनाए गए हैं। कॉम्पलेक्स साढ़े पांच हजार से ज्यादा वाहन पार्क किए जा सकते हैं। सिग्नल-मुक्त सड़कें आगंतुकों की पहुंच में आसानी सुनिश्चित करती हैं।
Updated on:
24 Jul 2023 06:29 am
Published on:
23 Jul 2023 09:58 pm
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