
मणिपुर में हिंसा के कारण विस्थापित हो गए 14 हजार से ज्यादा स्कूली बच्चे
नई दिल्ली। उत्तर-पूर्वी राज्य मणिपुर में पिछले तीन महीनों से चल रही हिंसक वारदातों ने स्कूलों बच्चों को भी बड़े पैमाने पर प्रभावित किया है। राज्य के विभिन्न जिलों के 14 हजार से ज्यादा स्कूली बच्चों की स्कूल छूट गई और ये राहत शिविरों में रहकर निकटतम अन्य स्कूल में पढ़ने को मजबूर हैं।
केंद्र सरकार की ओर से बुधवार को राज्यसभा में पेश किए गए आंकड़ों के अनुसार मणिपुर में जातीय हिंसा का सर्वाधिक असर चूराचांदपुर के स्कूली बच्चों पर पड़ा है। यहां के सर्वाधिक 4099 स्कूली बच्चे स्कूल छोड़कर राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं। इसके अलावा कांगपोकपी के 2822, बिष्णुपुर के 2063 व इम्फाल पूर्व जिले के 2053 स्कूली बच्चों को विस्थापन झेलना पड़ा।
शिक्षा राज्यमंत्री अन्नपूर्णा देवी ने सांसद दोला सेन को लिखित जवाब में राज्य सरकार की ओर से दी गई जानकारी के हवाले से बताया कि विस्थापित हुए स्कूली बच्चों के दुबारा पढ़ाई से जोड़ने के लिए प्रत्येक राहत शिविर में एक एक नोडल अधिकारी लगाकर 93.5 प्रतिशत विस्थापित बच्चों को शिविरों के निकट ही स्कूलों में निःशुल्क दाखिला दिया गया है।
| जिला | विस्थापित बच्चे | पुनः प्रवेश |
| कांगपोकपी | 2822 | 2052 |
| उखरूल | 328 | 226 |
| टैंग्लनौपाल | 245 | 235 |
| चूराचांदपुर | 4099 | 4033 |
| कामजोंग | 108 | 108 |
| जिरीबाम | 89 | 89 |
| काकचिंग | 1044 | 1035 |
| थौबल | 250 | 250 |
| वांगोई | 320 | 320 |
| बिष्णुपुर | 2063 | 2063 |
| इम्फाल पश्चिम | 1342 | 1342 |
| इम्फाल पूर्व | 2053 | 2053 |
| कुल | 14763 | 13806 |
Published on:
02 Aug 2023 05:07 pm
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