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‘मुझे कोई ठोस फायदा नहीं दिखता’, BRICS सम्मेलन से पहले पी चिदंबरम ने उठाए सवाल, G20, QUAD से भारत को क्या मिला?

BRICS Summit 2026 से पहले कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम ने BRICS, G20, SCO और QUAD को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पिछले 2-3 BRICS शिखर सम्मेलनों से भारत को कोई ठोस फायदा नहीं मिला। जानें पूरा मामला।
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भारत

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Rahul Yadav

Sep 10, 2026

BRICS Summit India

कांग्रेस नेता पी. चिदंबरम (फोटो - एएनआई)

P Chidambaram on BRICS Summit 2026: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद पी. चिदंबरम ने BRICS को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पिछले दो-तीन BRICS शिखर सम्मेलनों से भारत को कोई ठोस फायदा या ठोस नतीजा मिलता हुआ उन्हें नजर नहीं आया। चिदंबरम ने यह सवाल ऐसे समय उठाया है जब भारत नई दिल्ली में BRICS शिखर सम्मेलन 2026 की मेजबानी करने जा रहा है।

चिदंबरम ने यह भी सवाल किया कि भारत BRICS के अलावा शंघाई सहयोग संगठन (SCO), G20 और QUAD जैसे कई बड़े अंतरराष्ट्रीय समूहों का हिस्सा है। ऐसे में इन समूहों में शामिल होने से देश को वास्तव में क्या फायदा मिल रहा है यह भी स्पष्ट होना चाहिए।

पिछले 2-3 सम्मेलनों में कोई ठोस फायदा नहीं दिखा

चिदंबरम ने समाचार एजेंसी ANI से बातचीत में कहा कि उन्हें नहीं पता कि BRICS सम्मेलन में कितने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री शामिल होने वाले हैं। उन्होंने कहा कि पिछले दो-तीन BRICS शिखर सम्मेलनों से भारत को कोई ठोस फायदा या ठोस नतीजा मिलता हुआ उन्हें नहीं दिखा।

चिदंबरम ने कहा कि भारत BRICS, SCO, G20 और QUAD जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय समूहों का हिस्सा है। इसके बावजूद सवाल यह है कि इनकी बैठकों से भारत को क्या ठोस फायदा मिल रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले दो-तीन BRICS शिखर सम्मेलनों से उन्हें कोई ठोस फायदा या नतीजा नजर नहीं आया। हालांकि, पुराने BRICS शिखर सम्मेलनों में भारत को कुछ ठोस फायदे मिले थे।

दिल्ली में 12-13 सितंबर को BRICS सम्मेलन

भारत इस साल BRICS की अध्यक्षता कर रहा है और 18वां BRICS शिखर सम्मेलन 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित होगा। इस सम्मेलन में BRICS के सदस्य देशों के साथ साझेदार देशों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे।

भारत ने इस साल BRICS की अध्यक्षता के लिए ‘Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability’ थीम रखी है। इसका फोकस लचीली अर्थव्यवस्था, नवाचार, सहयोग और टिकाऊ विकास पर है। भारत ने इस दौरान लोगों को केंद्र में रखने और मानवता को प्राथमिकता देने की बात कही है।

सम्मेलन से पहले दिल्ली में सुरक्षा और तैयारियां तेज

BRICS सम्मेलन को लेकर दिल्ली में तैयारियां तेज कर दी गई हैं। सुरक्षा के साथ-साथ सड़कों, सफाई, यातायात और सम्मेलन स्थल के आसपास की व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। दिल्ली नगर निगम के आयुक्त संजीव खिरवार और लोक निर्माण विभाग के प्रधान सचिव संदीप कुमार ने बुधवार को भारत मंडपम और आसपास के इलाकों का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने सम्मेलन के रास्तों, आसपास के बाजारों, सड़कों, फुटपाथ और हरित क्षेत्रों में सफाई और रखरखाव के निर्देश दिए हैं।

दक्षिण-पूर्वी दिल्ली में सराय काले खां, लोधी रोड और निजामुद्दीन के अलावा दक्षिणी दिल्ली के साकेत और शेख सराय इलाकों में भी आवाजाही वाले रास्तों का निरीक्षण किया गया। अधिकारियों को सम्मेलन के अंतिम चरण में पर्याप्त सफाई कर्मचारियों, मशीनों और निगरानी कर्मचारियों की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा गया है। इसके अलावा पशु नियंत्रण, मच्छर नियंत्रण, सौंदर्यीकरण, रोशनी और सम्मेलन से जुड़े प्रचार की व्यवस्था सुधारने के निर्देश भी दिए गए हैं।

BRICS में भारत के लिए क्या दांव पर है?

चिदंबरम के सवाल ऐसे समय आए हैं जब भारत BRICS की अध्यक्षता के दौरान कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। सम्मेलन से पहले व्यापार, तकनीक, ऊर्जा, कृषि, स्वास्थ्य और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में कई पहल आगे बढ़ाई गई हैं। इनमें डिजिटल कृषि, स्वास्थ्य सहयोग, स्मार्ट ग्रिड, ऊर्जा भंडारण, छोटे कारोबार और डिजिटल सार्वजनिक ढांचे से जुड़े प्रस्ताव शामिल हैं।

भारत के लिए BRICS केवल कूटनीतिक मंच नहीं है। इसका इस्तेमाल व्यापार, निवेश, तकनीक और विकास के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए भी किया जा रहा है। इस साल के सम्मेलन में खाद्य और ऊर्जा सुरक्षा, स्वास्थ्य, आपदा से निपटने की क्षमता, महत्वपूर्ण आपूर्ति श्रृंखला, व्यापार, निवेश और तकनीक जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।

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