
Para Commando Suraj Pal Martyr due to non opening of parachute training in Ladakh
Para Commando Martyr in Parachute Accident: कमांडो की गिनती भारतीय सेना के सबसे तेज और अच्छे जवानों में होती है। इंडियन आर्मी के वैसे ही जवानों को कमांडो में शामिल किया जाता है, वो अन्य जवानों से ज्यादा फिट और स्मार्ट होते हैं। यहां स्मार्टनेस का मतलब मेंटल लेवल से है। कमांडो में सलेक्शन के बाद जवानों को कई खास तरीके की ट्रेनिंग दी जाती है। जिसमें जंगल में कॉबिंग ऑपरेशन चलाना, पहाड़ पर चढ़ना, हेलीकॉप्टर से कूदना आदि शामिल है।
लेकिन बीते कुछ दिनों से कमांडो की ट्रेनिंग के दौरान पैराशूट सही समय पर नहीं खुलने से जवानों की जान जा रही है। कुछ दिनों पहले ही एक ऐसा ही मामला सामने आया था। अब एक और कमांडो की जान सही समय पर पैराशूट नहीं खुलने के कारण चली गई। इस घटना के सामने आने के बाद कमांडो को दिए जाने वाले पैराशूट को लेकर कई सवाल खड़े किए जा रहे हैं। साथ ही यह भी पूछा जा रहा है कि इस तरह की शहादत के पीछे जिम्मेदार कौन हैं?
पैराशूट हादसे में शहीद होने वाले जवान की पहचान सूरजपाल पचौरी के रूप में हुई है। 30 वर्षीय सूरजपाल उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले के नंदराम नगरीया गांव के रहने वाले थे। उनके पिता रामचरन पचौरी सहित परिवार के अन्य लोगों को जैसे ही सूरजपाल के शहादत की खबर मिली, पूरे गांव में मातम फैल गया।
सूरजपाल की जान शनिवार को लेह लद्दाख में चल रही कमांडो ट्रेनिंग के दौरान सैन्य विमान के कूदते समय हुई। बताया गया कि विमान से नीचे उतरते समय सही समय पर सूरजपाल का पैराशूट नहीं खुला। ऐसे में उनकी मौत हो गई।
इस हादसे के बाद कमांडो ट्रेनिंग कैंप पर अफरातफरी का माहौल हो गया। शनिवार शाम तक शव की तलाश करने के बाद उनके परिजनों को मामले की सूचना दी गई। आज शाम तक सूरजपाल का पार्थिव शरीर गांव पहुंचने की संभावना है। फिलहाल गांव के होनहार बेटे की इस तरह हुई मौत से कोहराम मचा है।
बताया गया कि सूरजपाल 2009 में इंडियन आर्मी में शामिल हुए थे। फिलहाल आगरा में तैनात थे। कुछ दिनों पहले ही कमांडो ट्रेनिंग के लिए लद्दाख गए थे।
सूरज ने अपने पीछे तीन छोटे बच्चे, पत्नी और मां को बिलखता हुआ छोड़ गए। सूरजपाल से पहले हाथरस के ही एक पैरा कमांडो जवान हरवीर सिंह की पैराशूट नहीं खुलने के कारण जान गई थी। मात्र 15 दिनों में हाथरस के दो होनहार बेटों की जान पैराशूट हादसे में हुई है। इससे कमांडो ट्रेनिंग में मिलने वाले पैराशूट को लेकर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।
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Published on:
11 Sept 2022 05:09 pm
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