
संसद के मॉनसून सत्र का सांसदों को इंतजार। ( फाइल फोटो: पत्रिका)
Parliament Monsoon Session 2026 All Party Meeting: सरकार ने संसद के मॉनसून सत्र से पहले सरकार ने संसद के मॉनसून सत्र से पहले 19 जुलाई को सर्वदलीय बैठक बुलाई है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार इस बैठक में सरकार संसद के दोनों सदनों के सुचारू कामकाज को सुनिश्चित करने के लिए सभी राजनीतिक दलों से सहयोग मांगेगी। मॉनसून सत्र एक महीने तक चलेगा। सत्र के दौरान कई महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा और उन्हें पारित किए जाने की योजना है।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक संसदीय कार्य मंत्री प्रहलाद जोशी ने राजनीतिक दलों के नेताओं को एक बैठक के लिए बुलाया है। मंत्री प्रहलाद जोशी ने इस बैठक के लिए राजनीतिक दलों के नेताओं को निमंत्रण भेजा है; संभावना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी इसमें शामिल होंगे। ऐसी बैठकें सत्र के दौरान सदन का कामकाज सुचारू रूप से चलाने के लिए बुलाई जाती हैं।
इससे पहले मॉनसून सत्र की तैयारियों के सिलसिले में, संसदीय मामलों के राज्य मंत्रियों, अर्जुन राम मेघवाल और डॉ. एल. मुरुगन ने भारत सरकार के सचिवों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक बैठक की, ताकि आने वाले सत्र के लिए सरकारी कामकाज की समीक्षा की जा सके और उसे अंतिम रूप दिया जा सके।
चार सप्ताह के मानसून सत्र के दौरान 19 बैठकें होंगी। इस दौरान कई अहम बिल पेश किए जाने और उन पर चर्चा होने की उम्मीद है, साथ ही राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर भी बहस होगी। किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार को इस सत्र के दौरान "सार्थक बहस, चर्चा और निर्णय लेने" की उम्मीद है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सरकार की सिफारिश के आधार पर संसद के मॉनसून सत्र को मंजूरी दे दी है।
रिजिजू X पर एक पोस्ट में तिथियों की घोषणा करते हुए, रिजिजू ने कहा, 'भारत सरकार की सिफारिश पर, माननीय राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी ने मानसून सत्र 2026 के लिए संसद के दोनों सदनों को बुलाने की मंजूरी दे दी है। यह सत्र 20 जुलाई, 2026 से शुरू होगा और 13 अगस्त, 2026 तक राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर सार्थक बहस, चर्चा और निर्णय लेने के लिए चलेगा।'
रिजिजू ने X पर एक पोस्ट में तारीखों की घोषणा करते हुए कहा, 'भारत सरकार की सिफारिश पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने मॉनसून सत्र 2026 के लिए संसद के दोनों सदनों को बुलाने की मंजूरी दे दी है। यह सत्र 20 जुलाई 2026 को शुरू होगा और 13 अगस्त 2026 तक चलेगा, जिसमें राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर सार्थक बहस, चर्चा और निर्णय लिए जाएंगे।'
Updated on:
12 Jul 2026 02:09 pm
Published on:
12 Jul 2026 02:09 pm
बड़ी खबरें
View Allराष्ट्रीय
ट्रेंडिंग
