
अरविंद केजरीवाल (Photo-IANS)
Arvind Kejriwal Sunderkand Paath: दिल्ली बीजेपी अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल पर जापानी पार्क में अपनी पत्नी सुनीता केजरीवाल और मनीष सिसोदिया के साथ सुंदरकांड का पाठ करने को लेकर निशाना साधा। मल्होत्रा ने केजरीवाल को 'राजनीतिक हिंदू' बताया और कहा कि चुनाव नजदीक आते ही उनका धार्मिक नाटक फिर से शुरू हो गया है। मल्होत्रा ने याद दिलाया कि इससे पहले जनवरी 2024 में लोकसभा चुनाव को देखते हुए केजरीवाल ने दिल्ली में कई जगहों पर हर महीने सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया था।
आप के मुखिया अरविंद केजरीवाल ने अपनी पत्नी सुनीता केजरीवाल और पार्टी नेता मनीष सिसोदिया के साथ आज जापानी पार्क में सुंदरकांड पाठ किया। इस दौरान उन्होंने कहा, "जो अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि में डकैती हुई है, उससे पूरी दुनिया के राम भक्तों को ठेस पहुंची है। उन्होंने कुछ भी नहीं छोड़ा, जमीनों के घोटाले किए… भगवान के नाम पर जो लाखों-करोड़ों भक्तों ने पैसे दिए, उन पैसों की चोरी की। जब राम मंदिर बन रहा था तब भी बहुत बड़े स्तर पर कमीशनखोरी की गई। 40 दिनों में CCTV के अंदर 70 बार चोरी की घटनाएं पकड़ी गई हैं। 8 महीने की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग डिलीट कर दी गई। हम मांग करते रहे। हम सोच रहे थे कि ऊपर वाले लोग कुछ न कुछ करेंगे लेकिन अब ये साफ हो गया कि वे कुछ नहीं करेंगे क्योंकि उन्हीं की पार्टी और उन्हीं के भाई संगठनों के लोग इसमें शामिल हैं। पूरा का पूरा ढांचा डकैतों और चोरों को बचाने में लगा हुआ है। आज हमने सुंदरपाठ का आयोजन किया, हर भक्त को कसम खानी है कि जिन लोगों ने भगवान राम के घर में डकैती की है, जब तक हम उन्हें फांसी की सजा नहीं दिला देंगे तब तक हम चुप नहीं बैठेंगे।"
केजरीवाल पर निशाना साधते हुए दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने कहा, "आज अरविंद केजरीवाल को फिर राम याद आए हैं। वे 'राजनीतिक हिंदू' हैं। उनका नाटक फिर से शुरू हो गया है। जनवरी 2024 में उन्होंने महीने में एक बार कई जगहों पर सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया था, क्योंकि 2024 के चुनाव नजदीक थे। अब उन्हें फिर से सुंदरकांड का यह नाटक याद आया है। मैं उन्हें याद दिलाना चाहता हूं कि उन्होंने खुद एक बार कहा था कि उनकी नानी ने उन्हें राम मंदिर जाने से मना किया था क्योंकि वह एक मस्जिद को गिराकर बनाया गया था; इसलिए वे वहां नहीं गए थे। उस समय भगवान राम के बारे में उनकी यही सोच थी। लेकिन आज, उन्होंने राम की शरण ली है। भगवान राम सच्चाई के प्रतीक हैं। दिल्ली और देश की जनता आपके इस सुंदरकांड वाले नाटक को अच्छी तरह समझ गई है।"
Updated on:
12 Jul 2026 03:36 pm
Published on:
12 Jul 2026 02:39 pm
