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मानसून सेशन में किन-किन मुद्दों पर गूजेंगा संसद, कांग्रेस ने बता दिया अपना पूरा प्लान

Parliament Monsoon Session 2026: 20 जुलाई से शुरू होने वाले संसद के मानसून सत्र में कांग्रेस और INDIA गठबंधन सरकार को कई मुद्दों पर घेरने की तैयारी में हैं। पेपर लीक, राम मंदिर से जुड़े कथित भ्रष्टाचार, मोहन यादव भूमि विवाद, बेरोजगारी और आर्थिक असमानता जैसे मुद्दे विपक्ष के एजेंडे में शामिल हैं।
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भारत

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Saurabh Mall

Jul 06, 2026

MONSOON SEASON

मानसून सत्र में सरकार को घेरने की तैयारी। कांग्रेस ने गिनाए ये बड़े मुद्दे। (इमेज सोर्स: आईएएनएस)

Parliament Monsoon Session 2026 Latest Update: संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से 13 अगस्त तक चलेगा। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सरकार के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। सरकार का कहना है कि इस दौरान राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर सार्थक चर्चा और जरूरी विधायी काम होंगे। वहीं, कांग्रेस और इंडिया गठबंधन ने भी साफ कर दिया है कि वह इस सत्र में कई बड़े मुद्दों पर सरकार को घेरने की तैयारी में है।

कांग्रेस ने बताए प्रमुख मुद्दे

दिल्ली में मीडिया से बातचीत के दौरान कांग्रेस राजयसभा सांसद जेबी माथेर ने कहा कि संसद सत्र का अंतिम एजेंडा इंडिया गठबंधन की बैठक में तय होगा। देश से जुड़े कई अहम मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा।

उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस ने तीन मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगा जाएगा। इनमें पहला पेपर लीक मामला है। पार्टी का आरोप है कि परीक्षा पेपर लीक की घटनाओं से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है, लेकिन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अब भी अपने पद पर बने हुए हैं।

दूसरा मुद्दा अयोध्या राम मंदिर से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के आरोप हैं। इस मामले की जांच सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में कराई जाए।

तीसरा मुद्दा मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के परिवार से जुड़े कथित भूमि घोटाले का है। इस मामले में भी जवाबदेही तय होनी चाहिए।

सरकार की कार्यशैली पर भी उठाए सवाल

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार विपक्ष से पर्याप्त चर्चा किए बिना संसद में विधेयक पेश करती है और कई महत्वपूर्ण फैसले लेती है। इससे लोकतांत्रिक परंपराओं और विपक्ष की भूमिका कमजोर होती है। संसद में कानून बनाने की प्रक्रिया पारदर्शी और सभी दलों की भागीदारी के साथ होनी चाहिए।

विपक्ष के दूसरे दल भी करेंगे सरकार को घेरने की कोशिश

राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के सांसद मनोज कुमार झा ने भी मानसून सत्र को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सत्र कितने दिन चलेगा, यह महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि यह अहम है कि सरकार जनता के सवालों का जवाब कैसे देगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार को चुनावी चंदे, परीक्षा पेपर लीक, बढ़ती आर्थिक असमानता, बेरोजगारी और संघीय ढांचे जैसे मुद्दों पर जवाब देना होगा।

मानसून और तैयारियों पर भी उठे सवाल

कांग्रेस पार्षद अशरफ आजमी ने मानसून के दौरान होने वाली घटनाओं का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि बारिश पर किसी का नियंत्रण नहीं है, लेकिन उससे पहले की तैयारियां प्रशासन की जिम्मेदारी होती हैं। उन्होंने कहा कि पेड़ गिरने, खुले मैनहोल में लोगों के गिरने और करंट लगने जैसी घटनाएं इस बात का संकेत हैं कि मानसून से पहले जरूरी तैयारियां पर्याप्त नहीं थीं।

संसद का मानसून सत्र 20 जुलाई से शुरू होगा। ऐसे में माना जा रहा है कि महंगाई, बेरोजगारी, पेपर लीक, कथित भ्रष्टाचार और अन्य जनहित के मुद्दों पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिल सकती है।

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