
संसद में लगातार चल रहे हंगामे का असर जहां अन्य विधायी कामकाज पर पड़ रहा है, वहीं सबसे ज्यादा असर सदन में होने वाले गैर-सरकारी विधेयकों संबंधित कार्यों पर पड़ रहा है। संसद के दोनो सदनों में शुक्रवार का दिन गैर सरकारी विधेयकों और संकल्पों के लिए निर्धारित किया हुआ है, पर मानसून सत्र की शुरुआत से ही विपक्ष एसआइआर पर चर्चा को लेकर अड़ा हुआ है। इससे गैर-सरकारी विधायी कार्य की सूची लम्बी होती जा रही है, और लोकसभा में 235 व राज्यसभा में 80 की कार्यसूची लंबित है।
राज्यसभा सांसद संजय सिंह की ओर से कैंसर का मुफ्त इलाज का अधिकार बिल, प्रियंका चतुर्वेदी की ओर से एयरलाइंस पैसेंजर राइट्स बिल, सुधा मूर्ति की ओर से पशुओं से साथ क्रूरता रोकने संबंधित बिल, अशोक कुमार मित्तल की ओर से राष्ट्रीय पुरुष आयोग बिल, सुजीत कुमार की ओर से मशीन निर्मित बौद्धिक संपदा बिल, स्वाति मालीवाल की ओर से अभिभावक व वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल व कल्याण से संबंधित बिल अन्य के साथ प्रस्तुत किए जाने हैं। वहीं तिरूचि शिवा का महिलाओं को कार्यस्थल पर आरक्षण संबंधी बिल और विवेक तन्खा के कश्मीरी पंडितों के पुनर्वास से जुड़े बिल पर चर्चा की जानी थी।
लोकसभा में राजीव प्रताप रूडी की ओर से मानसिक स्वास्थ्य देखभाल ( संशोधन), डी कुरिआकोसे की ओर से मेडिकल नर्सेज के कल्याण के लिए राष्ट्रीय आयोग की स्थापना, के सुधाकरण की ओर से आधुनिक गुलामी रोकथाम, के सुरेश का निजी क्षेत्र में एससी एसटी आरक्षण, अजय भट्ट का बेरोजगार स्नातकों को वित्तीय सहायता, डॉ. के. काव्या की ओर से मेंस्ट्रुअल बेनिफिट, शशि थरूर का राज्य व केन्द्र शासित प्रदेशों के पुनर्गठन आयोग, के नवास्कनी की ओर से टोल प्लाजा बंद करने, वी.पी. पाटिल की ओर से सीईसी व ईसी संशोधन, पत्रकार सुरक्षा, रविकिशन की ओर गोवध निषेध कानून, श्रीकांत शिंदे का डीपफेक नियमन, शंकर लालवानी की ओर से विवाह पूर्व अनिवार्य जेनेटिक परीक्षण, सुप्रिया सुले की ओर से कार्य के घंटों के बाद कर्मचारियों के फोन नहीं उठाने के अधिकार संबंधी राइट टू डिस्कनेक्ट बिल अन्य बिलों के साथ कार्यसूची में हैं।
लोकसभा में जालोर सिरोही के सांसद लुम्बा राम की ओर से देसी गाय व गाय गर्भाधान संरक्षण बिल, चारा गोदाम बोर्ड बिल, दूध व दुग्ध उत्पादों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य संबंधित बिल रखे जाने हैं। वहीं भीलवाड़ा सांसद दामोदर अग्रवाल की ओर से राजस्थान में पेड़ों की जिओमैपिंग के लिए विशेष वित्तीय सहायता संबंधी, हिन्दू धार्मिक पूजा स्थल ( मांसाहार बनाने, बेचने और परोसने पर पाबंदी) बिल, राजस्थान में प्राचीन स्मारकों एवं पुरामहत्व के स्थलों और अवशेषों के लिए विशेष वित्तीय सहायता के बिल कार्यसूची में शामिल हैं। वहीं जयपुर ग्रामीण सांसद राव राजेन्द्र सिंह की ओर से आर्थिक पिछड़े नागरिकों के लिए राष्ट्रीय आयोग का गठन का प्रस्ताव है।
उदयपुर सासंद मन्ना लाल रावत की ओर से राजस्थान में जलस्रोतों के संरक्षण के लिए विशेष वित्तीय सहायता, राजस्थान में वन क्षेत्र में जल स्रोतों के लिए विशेष वित्तीय सहायता, शैक्षणिक संस्थाओं में मानसिक स्वास्थ्य देखभाल के लिए अनिवार्य व्यवस्था के प्रस्ताव हैं। वहीं नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल - इलेक्ट्रिसिटी (संशोधन) बिल और जयपुर शहर सांसद मंजू शर्मा- नार्कोटिक्स ड्रग्स एवं साइकोट्रोपिक सबस्टेंसेस (संशोधन) बिल, खाद एवं बीज के वितरण से रक्षा संबंधि बिल कार्यसूची में शामिल रहे।
Updated on:
11 Aug 2025 09:52 pm
Published on:
11 Aug 2025 06:22 pm
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