
पीएम मोदी (फोटो-IANS)
Parliament winter session: आज से संसद का शीतकालीन सत्र शुरू हो गया है। सत्र 19 दिसंबर तक चलेगा। इस दौरान 15 बैठकें होंगी। सरकार इस सेशन में 13 पेश करने जा रही है। इसमें बड़े इकोनॉमिक और नेशनल सिक्योरिटी से जुड़े विधेयक भी शामिल हैं, जबकि विपक्ष SIR, नेशनल सिक्योरिटी समेत कई दूसरे मुद्दों को लेकर सरकार को सदन के भीतर घेरेगी।
लोकसभा में कार्यवाही शुरू होते ही विपक्ष का हंगामा शुरू हो गया। स्पीकर ओम बिरला ने कार्यवाही 12 बजे तक स्थगित कर दी। वहीं, पीएम मोदी ने राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन का सदन के चेयर पर स्वागत किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि सभापति सामान्य परिवार से आए हैं। सीपी राधाकृष्णन का जीवन समाज को समर्पित रहा है। उन्होंने कहा कि सभापति के व्यक्तित्व से परिचित हूं। वह पद की गरिमा रखेंगे।
संसद के शीतकालीन सत्र की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को मीडिया को संबोधित किया। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि संसद परिसर के बाहर ड्रामा करने के लिए बहुत जगह है, लेकिन सदन के भीतर हंगामा करने के लिए कोई जगह नहीं है। सदन में ड्रामा नहीं डिलीवरी पर काम होना चाहिए। उन्होंने कहा कि विपक्ष सत्र को सुचारू और गरिमामय तरीके से चलाने में सहयोग दें।
पीएम मोदी ने कहा कि चुनावी पराजय की निराशा से निकलना चाहिए और रचनात्मक चर्चा में हिस्सा लेना चाहिए। कुछ राजनीतिक दल अभी भी बिहार विधानसभा चुनाव के परिणाम को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं, लेकिन संसद निराशा का मैदान नहीं बननी चाहिए। मेरी सभी दलों से अपील है कि शीतकालीन सत्र में पराजय की बौखलाहट मैदान नहीं बननी चाहिए और यह सत्र विजय के अहंकार में भी परिवर्तित नहीं होना चाहिए।
कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने सोमवार को लोकसभा में एक स्थगन प्रस्ताव पेश किया है, जिसमें देश के 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (एसआईआर) प्रक्रिया को तुरंत रोकने की मांग की गई है। टैगोर ने इसे 'अभूतपूर्व संकट' से जोड़ते हुए गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने चुनाव आयोग की कार्रवाई को एकतरफा व तानाशाही बताया है।
कांग्रेस सहित तमाम विपक्षी दल स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन को लेकर हमलावर हैं। विपक्षी पार्टियां सदन के भीतर बूथ लेवल ऑफिसर्स की मौतों का मुद्दा भी उठा सकती हैं। कई ऐसे मामले रिपोर्ट किए गए हैं कि अत्यधिक काम के दवाब के चलते BLOs ने आत्महत्या की है या फिर वह गंभीर बीमारी की चपेट में आए।
इस सत्र में दिल्ली के लाल किला के पास हुए कार बम धमाके पर भी विपक्ष चर्चा की मांग कर सकता है। राहुल और सोनिया गांधी पर नेशनल हेराल्ड केस में दर्ज नई FIR और दिल्ली में प्रदूषण और नए लेबर लॉ को लेकर भी हंगामे के आसार हैं। वहीं, बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद एकबार फिर वोट चोरी का मुद्दा गरमा सकता है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण सेंट्रल एक्साइज अमेंडमेंट बिल 2025 और हेल्थ सिक्योरिटी नेशनल सिक्योरिटी सेस बिल पेश कर सकती हैं। हेल्थ सिक्योरिटी नेशनल सिक्योरिटी सेस बिल 2025 खास तौर पर कुछ खास सामान बनाने में इस्तेमाल होने वाली मशीनों और प्रोसेस पर सीईएसएस का प्रस्ताव करता है। इस सीईएसएस का मकसद 'नेशनल सिक्योरिटी और पब्लिक हेल्थ पर खर्च को पूरा करने के लिए रिसोर्स बढ़ाना' है, जो आगे चलकर इन सेक्टर को फंड करने के तरीके में एक बड़ा बदलाव दिखाता है।
सत्र के दौरान सरकार ने विचार के लिए कई और जरूरी बिल लिस्ट किए हैं। इनमें नेशनल हाईवे (अमेंडमेंट) बिल, एटॉमिक एनर्जी बिल, कॉर्पोरेट लॉ (अमेंडमेंट) बिल, इंश्योरेंस लॉ (अमेंडमेंट) बिल और हायर एजुकेशन कमीशन ऑफ इंडिया बिल 2025 शामिल हैं। एटॉमिक एनर्जी बिल से खास ध्यान खींचने की उम्मीद है, क्योंकि यह प्राइवेट कंपनियों के लिए न्यूक्लियर पावर प्लांट लगाने का रास्ता खोल सकता है। कानून बनाने के अलावा संसद 2025-26 के लिए सप्लीमेंट्री डिमांड्स फॉर ग्रांट्स के पहले बैच पर भी चर्चा और वोटिंग करेगी।
पार्लियामेंट्री अफेयर्स मिनिस्टर किरेन रिजिजू ने कहा है कि सरकार विपक्ष की चिंताओं को दूर करने के लिए पूरी तरह तैयार है। रविवार को ऑल-पार्टी मीटिंग के बाद केंद्रीय मंत्री रिजेजू ने मीडिया से कहा कि किसी ने यह नहीं कहा कि पार्लियामेंट नहीं चलेगी या चलने नहीं देंगे। कुछ नेताओं ने कहा कि वे SIR पर सदन में हंगामा कर सकते हैं। मैं यह पॉजिटिव तरीके से कह रहा हूं कि हम विपक्ष की बात सुनने के लिए तैयार हैं। संसद सबकी है, यह देश की है। पार्लियामेंट में हर मुद्दे पर चर्चा करने का एक तरीका होता है। नियम होते हैं, परंपराएं होती हैं।
Updated on:
01 Dec 2025 12:40 pm
Published on:
01 Dec 2025 09:41 am
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