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संसदीय समिति का सुझाव, पैकेज्ड फूड के फ्रंट लेबल पर दिख सकता है चीनी का लेवल

Sugar Level On Front Label: भारत में पैकेज्ड फूड के फ्रंट लेबल पर चीनी का लेवल दिखाने के लिए संसदीय समिति ने सुझाव दिया है।
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भारत

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Tanay Mishra

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Shadab Ahmed

Aug 28, 2026

Packaged Food

पैकेज्ड फूड (Photo - ANI)

पैकेज्ड फूड (Packaged Foods) में चीनी का लेवल (Sugar Level) पहचानने के लिए उपभोक्ताओं को जल्द एक आसान विकल्प मिल सकता है। उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण पर संसद की स्थायी समिति (Parliamentary Committee) ने चीनी का स्तर आसान तरीके से बताने वाले फ्रंट लेबल (Front Label) की सिफारिश की है। आगे चलकर इसके लिए लाल-पीला-हरा जैसे कलर इंडिकेटर वाली व्यवस्था अपनाई जा सकती है, जिससे उपभोक्ता आसानी से कम, मध्यम और ज़्यादा चीनी वाले उत्पाद की पहचान कर सकें। हालांकि समिति ने फिलहाल किसी खास रंग-कोड को तय नहीं किया है।

समिति ने दी चेतावनी

संसदीय समिति ने ज़्यादा चीनी वाले उत्पादों पर स्पष्ट चेतावनी दे है और चार साल से लंबित इस व्यवस्था के नियमों को जल्द अंतिम रूप देने को कहा है। हालांकि यह अभी सिफारिश है और नए नियम लागू नहीं हुए हैं।

क्या है संसदीय समिति का मानना?

फिलहाल पैकेज्ड फ़ूड के पीछे पोषण संबंधी तालिका में चीनी का लेवल ग्राम और दैनिक अनुशंसित मात्रा के प्रतिशत के रूप में दी जाती है। समिति का मानना है कि इन आंकड़ों को हर उपभोक्ता आसानी से नहीं समझ पाता। समिति ने 'नो एडेड शुगर' और 'नेचुरल स्वीटनर' जैसे दावों को लेकर भी चिंता जताते हुए वैज्ञानिक जांच और प्रमाणन व्यवस्था मज़बूत करने की सिफारिश की है।

14 हज़ार सुझाव, फिर भी चार साल से अटके

फ्रंट लेबलिंग व्यवस्था का मकसद उपभोक्ता को खरीदारी के वक्त ही उत्पाद की पोषण के बारे में जानकारी देना है, लेकिन इसके लिए नियम चार साल से अटके हैं। एफएसएसएआई ने 13 सितंबर, 2022 को फ्रंट-ऑफ-पैक न्यूट्रिशन लेबलिंग के ड्राफ्ट नियम जारी किए थे। इन पर 14 हजार से ज़्यादा टिप्पणियाँ और सुझाव मिले, लेकिन अब तक नियमों को अंतिम रूप नहीं दिया जा सका है।

शिशु फॉर्मूला में चीनी के लेवल की समीक्षा

समिति ने शिशुओं के दूध के फॉर्मूला में इस्तेमाल होने वाली चीनी के नियमों की भी समय-समय पर समीक्षा की जरूरत बताई है। अभी 0-6 महीने के बच्चों के फॉर्मूला में सुक्रोज़ या फ्रक्टोज़ तभी मिलाया जा सकता है, जब इसकी ज़रूरत कार्बोहाइड्रेट के स्रोत के रूप में हो। इसकी मात्रा फॉर्मूला में मौजूद कुल कार्बोहाइड्रेट की 20% से ज़्यादा नहीं हो सकती। यह कार्बोहाइड्रेट सीमा करीब 13.25 ग्राम या 53 कैलोरी के बराबर है। यह 0-6 महीने के शिशु की 530 कैलोरी की कुल दैनिक ऊर्जा ज़रूरत का करीब 10% है।

ऑनलाइन खरीदारी में भी हटेगा गलत लेबल

संसदीय समिति ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर बिकने वाले पैकेज्ड फूड की लेबलिंग पर भी निगरानी मजबूत करने की जरूरत बताई है। गलत लेबलिंग वाले उत्पादों की पहचान कर उन्हें ऑनलाइन लिस्टिंग से रियल टाइम में हटाने की व्यवस्था मज़बूत करने का सुझाव दिया गया है। समिति ने माना कि ग्रामीण क्षेत्रों में पैकेट पर फ्रंट लेबल को समझना उपभोक्ताओं के लिए चुनौतीपूर्ण हो सकता है। इसलिए स्कूलों, आंगनवाड़ी केंद्रों, पंचायतों और मातृत्व केंद्रों के ज़रिए पोषण लेबल समझाने के लिए जागरूकता अभियान चलाने की सिफारिश की गई है।

चीनी का ज़्यादा सेवन सही नहीं

चीनी का ज़्यादा सेवन नहीं करना चाहिए। बचपन में ज़्यादा चीनी का सेवन आगे चलकर दांतों की सड़न, मोटापा, मेटाबॉलिक गड़बडिय़ों, टाइप-2 डायबिटीज़ और हाई ब्लड प्रेशर का जोखिम बढ़ाता है।