19 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Bihar Train Accident: मैं सोया था, तभी लोग मेरे ऊपर…यात्रियों ने बताया कैसे उनको छू कर निकली मौत

Bihar Train Accident: हादसे के बाद धीरे-धीरे जब लोग सामान्य हुए तो उन्होंने बताया कि कैसे मौत उनको छू कर निकली।

3 min read
Google source verification
 Passengers told how death touche them in bihar train accident yesterdy


आनंद विहार टर्मिनल से असम के कामाख्या जा रही नॉर्थ ईस्ट एक्सप्रेस (12506) के 21 डिब्बे बुधवार को बक्सर जिले के रघुनाथपुर स्टेशन के पास पटरी से उतर गए। जानकारी के मुताबिक ये हादसा रात नौ बजकर 53 मिनट पर हुई। 23 डिब्बों वाली ट्रेन बुधवार सुबह सात बजकर 40 मिनट पर दिल्ली के आनंद विहार टर्मिनल से रवाना हुई थी। जिसे गुरूवार शाम 4.25 पर असम के कामाख्या पहुंचना था। लेकिन इससे पहले ही यह ट्रेन हादसे की शिकार हो गई। हादसे के बाद यात्रियों के चेहरे पर मौत का डर साफ तौर पर दिख रहा था। लोग मदद के लिए इधर-उधर भाग रहे थे। धीरे-धीरे जब लोग सामान्य हुए तो उन्होंने बताया कि कैसे उनको मौत छू कर निकली।

मैं सोया था कि तभी जोर का झटका लगा

नार्थ ईस्ट एक्सप्रेस में सफर कर रहे एक यात्री ने बताया कि मैं सोया था कि तभी जोर का झटका लगा और ट्रेन पटरी से उतर गई। मेरे ऊपर कई लोग गिर गए, जब मैं कोच से बाहर आया, तो देखा कि हर तरफ अफरातफरी मची है। पता चला ट्रेन के 21 कोच पटरी से उतर गए है।


अचानक जोरदार आवाज के साथ ट्रेन लड़खड़ाने लगी

ट्रेन की पहली बोगी में सवार आरा के बाबू बाजार निवासी अशोक ने बताया कि वह और उनके साथ आरा के ही सामाजिक कार्यकर्ता मंगलम की मां समेत तीन लोग रात करीब साढ़े आठ बजे विंध्याचल से सवार हुए थे। रात साढ़े नौ बजे अचानक जोरदार आवाज के साथ ट्रेन लड़खड़ाने लगी। आगे की बोगियां दुर्घटनाग्रस्त हो गईं। उनके साथ की महिला को पैर व सिर में मामूली चोट है। वहीं हादसे की सूचना मिलते ही मंगलम चारपहिया वाहन लेकर हादसास्थल पर पहुंचे और अपनी मां समेत साथ रहे आरा के लोगों को गाड़ी से लाये।

अचानक तेज आवाज आई तो नींद खुली

अलीगढ़ से एक माह की छुट्टी बिताकर एम 2 कोच में 79 बर्थ पर सवार न्यू जलपाईगुड़ी जा रहे बीएसएफ जवान ओमपाल सिंह ने बताया कि वे ऊपरी बर्थ पर सोये थे। अचानक तेज आवाज आई तो नींद खुली तो देखा कि ऊपरी बर्थ से कुछ यात्री गिर रहे थे और भागदौड़ होने लगी। तब तक उनकी बोगी भी पलट गई। तब किसी तरह गेट की कुंडी पकड़ बाहर निकले। उनके हाथ में चोट लगी है। बताया कि बोगी में चीख-पुकार मची थी और किसी तरह से लोग निकल रहे थे।

स्थानीय लोगों ने बहुत मदद की

नॉर्थ ईस्ट एक्सप्रेस ट्रेन में यात्रा कर रहे श्रीनिवास पांडे ने कहा कि हादसे के बाद स्थानीय लोग तुरंत यहां पहुंचे और हमारी बहुत मदद की। हमारे कोच में कोई हताहत नहीं हुआ लेकिन कई लोग घायल हो गए हैं। इस हादसे में बचे यात्रियों ने उस खौफनाक पल का दर्द बयां किया जब मौत उनको बड़े करीब से छुकर निकल गई।

एक घायल यात्री ने कहा कि मैं एसी कोच में था। अचानक एक शोर सुनाई दिया, लोग चिल्ला रहे थे, कई लोग मेरे ऊपर गिरे हुए थे। आपको बता दें कि अब तक इस हादसे में 5 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं, 100 से ज्यादा लोग घायल है, वहीं, गंभीर रूप से घायल 20 लोगों को इलाज के लिए पटना एम्स रेफर कर दिया गया है। वहीं, लोगों का कहना है कि हादसे में मरने वालों की संख्या बढ सकती है।


रेलवे ने जारी किया हेल्पलाइन नंबर

हादसे के बाद उत्तर मध्य रेलवे ने लोगों की सुविधा के लिए हेल्प लाइन नंबर जारी किए इस बात की जानकारी सीनियर पीआरओ अमित मालवीय ने दी। PNBE - 977144997, DNR - 8905697493, ARA - 8306182542, COML CNL - 7759070004, हेल्प लाइन नंबर प्रयागराज 0532-2408128, 0532-2407353, 0532-2408149

ये भी पढ़ें: Bihar Train Accident: नार्थ ईस्ट एक्सप्रेस के डीरेल होने के बाद बदला 22 ट्रेनों का रूट, दो कैंसिल, देखें पूरी लिस्ट