Rahul Gandhi Defamation Case: 'मोदी सरनेम' वाले मानहानि केस में राहुल गांधी को सूरत कोर्ट द्वारा सजा सुनाए जाने के बाद उनकी लोकसभा सदस्यता रद्द की जा चुकी है। इस फैसले के खिलाफ विपक्षी दलों को विरोध जारी है, इसी बीच एक और मानहानि केस में राहुल गांधी की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही है।
Rahul Gandhi Defamation Case: मानहानि केस कांग्रेस नेता राहुल गांधी का पीछा छोड़ता नजर नहीं आ रहा है। हाल ही में सूरत कोर्ट द्वारा मानहानि मामले में दो साल की सजा सुनाए जाने के बाद अब पटना की एक अदालत ने राहुल गांधी को मानहानि मामले में तलब किया है। राहुल गांधी को पटना की अदालत द्वारा तलब किए जाने का मामला भी उसी बयान से जुड़ा है, जिसमें उन्हें सूरत कोर्ट ने दोषी करार दिया है। दरअसल 2019 के लोकसभा चुनाव के दौरान मोदी सरनेम वाले बयान को लेकर राहुल गांधी की मुश्किलें बढ़ती जा रही है। इस मामले में अब कांग्रेस नेता राहुल गांधी को पटना एमपी-एमएलए कोर्ट ने 12 अप्रैल को बयान दर्ज कराने के लिए तलब किया है। बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम और भाजपा नेता सुशील मोदी ने राहुल गांधी के खिलाफ मोदी सरनेम वाले मामले में मानहानि का केस दर्ज कराया था। इसी मामले में पटना की एमपी-एमएलए कोर्ट ने उन्हें तलब किया है।
सुशील मोदी ने दर्ज कराया था मानहानि का मामला-
भाजपा के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद सुशील कुमार मोदी द्वारा उनके 'मोदी उपनाम' वाले बयान को लेकर दायर याचिका पर बयान दर्ज कराने के लिए तलब किया है। सुशील मोदी ने मोदी उपनाम वाले लोगों के खिलाफ बयान देने के लिए गांधी के खिलाफ मानहानि का आरोप लगाया है। कोर्ट ने राहुल गांधी के वकील को उसके सामने पेश होने का निर्देश दिया है।
सभी चोरों का सरनेम मोदी क्यों... भारी पड़ रहा राहुल का ये बयान
राहुल गांधी ने कर्नाटक में 2019 के लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान कहा था कि मोदी उपनाम वाले सभी लोग चोर हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि नीरव मोदी और ललित मोदी हजारों करोड़ रुपये लेकर देश से भाग गए हैं। सुशील कुमार मोदी के अलावा पूर्व पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन, बांकीपुर विधायक, भाजपा नेता संजीव चौरसिया और भाजयुमो नेता मनीष कुमार पहले ही अदालत में गवाह के तौर पर अपने बयान दर्ज करा चुके हैं।
पटना कोर्ट में पेश हो सकते हैं राहुल गांधी-
सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी पटना एमपी-एमएलए कोर्ट में भी पेश हो सकते हैं। 23 मार्च को सूरत की एक अदालत ने कांग्रेस नेता को मोदी उपनाम के बारे में गलत बोलने के लिए दोषी ठहराया और उन्हें दो साल कैद की सजा सुनाई। इसके कारण उन्हें केरल के वायनाड निर्वाचन क्षेत्र से सदस्य के रूप में संसद से अयोग्य घोषित कर दिया गया था।
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