25 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

‘जहरीले सांप’ और ‘विषकन्या’ से गरमाई सियासत, Patrika Poll में 79% लोगों ने व्यक्तिगत टिप्पणी को बताया गलत

Patrika Poll: पीएम मोदी को जहरीले सांप और सोनिया गांधी को विषकन्या कहे जाने से देश की सियासत गरमाई हुई है। राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप के बीच व्यक्तिगत टिप्पणी पर बहस छिड़ी है। पत्रिका ने इस विषय पर लोगों की राय जानी। जिसमें 79 प्रतिशत लोगों ने राजनीति में व्यक्तिगत टिप्पणी को गलत बताया है। Karnataka Assembly Elections 2023  

3 min read
Google source verification
modi_and_sonia.jpg

PM Modi and Sonia Gandhi

Patrika Poll: कर्नाटक विधानसभा चुनाव प्रचार के बीच राजनीतिक बयानबाजी पूरे परवान पर है। बीते दो दिन में देश के दो वरिष्ठ नेताओं पर व्यक्तिगत टिप्पणी करते हुए नेताओं ने ऐसी बयानबाजी की, जिसने देश का सियासी माहौल बदल दिया। गुरुवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आपत्तिजनक बयान देते हुए उन्हें 'जहरीले सांप' कहा। इस बयान पर खूब विवाद मचा। भाजपा के कई नेताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष की आलोचना की। विवाद बढ़ने पर कांग्रेस अध्यक्ष ने सफाई देते हुए कहा कि पीएम मोदी से मेरी निजी नहीं राजनीतिक और वैचारिक लड़ाई है। कांग्रेस अध्यक्ष के इस बयान पर पटलवार करते हुए कर्नाटक के एक भाजपा विधायक ने यूपीए चेयरपर्सन सोनिया गांधी को 'विषकन्या' कहा।


राजनीति में व्यक्तिगत बयानबाजी पर देश में छिड़ी बहस

पीएम मोदी को 'जहरीले सांप' और सोनिया गांधी को 'विषकन्या' कहने को लेकर देश में नई बहस छिड़ गई है। लोग सोशल मीडिया के साथ-साथ अन्य जगहों पर इस मसले पर अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। देश की सियासत में छिड़ी इस नई बहस पर पत्रिका ने पोल के जरिए लोगों की राय मांगी। जिसपर लोगों ने जमकर वोटिंग के जरिए अपनी राय जाहिर की।

79.3 प्रतिशत लोगों ने व्यक्तिगत बयानबाजी को गलत बताया

पत्रिका पोल में लोगों से यह सवाल पूछा गया कि राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप कोई नई बात नहीं। पर क्या किसी पर व्यक्तिगत टिप्पणी करना उचित है? पत्रिका ने इस पोल के जवाब में तीन विकल्प दिए- हां, नहीं और पता नहीं। इस पोल पर कई लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया दी।

इस पोल पर 79.3 प्रतिशत लोगों ने नहीं में जवाब दिया। मतलब यह कि 79.3 प्रतिशत लोगों ने माना कि राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप कोई नई बात नहीं। पर किसी पर व्यक्तिगत टिप्पणी करना उचित नहीं है।

13.8 प्रतिशत लोगों ने व्यक्तिगत बयानबाजी को बताया सही

वहीं दूसरी ओर 13.8 प्रतिशत लोगों ने कहा कि राजनीति में व्यक्तिगत टिप्पणी करना उचित है। वहीं 6.9 प्रतिशत पता नहीं के विकल्प का चुनाव किया। मालूम हो कि राजनीति में व्यक्तिगत बयानबाजी का पहले से होते आए है। बात केवल पीएम मोदी की करें तो कांग्रेस के नेताओं ने उन्हें मौत का सौदागर, नीच इंसान, चायवाला सहित अन्य कहा है।


खरगे ने पीएम मोदी को क्या कहा

कर्नाटक के कलबुर्गी में आयोजित चुनावी सभा में कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने कहा, "पीएम मोदी जहरीले सांप की तरह हैं। आप सोच सकते हैं कि यह जहर है या नहीं, लेकिन यदि आप उसे चखेंगे, तो आपकी मौत हो जाएगी।" विवाद बढ़ने पर खरगे ने सफाई दी।

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि अगर मेरे बयान से किसी को भी ठेस पहुंची, दुख पहुंचा हो तो मैं उसके लिए मैं खासतौर पर खेद व्यक्त करूंगा। पीएम मोदी से मेरी निजी नहीं राजनीतिक और वैचारिक लड़ाई है।

भाजपा विधायक ने सोनिया गांधी को कहा विषकन्या

कर्नाटक के भाजपा विधायक बासनगौड़ा पाटिल यतनाल ने कोप्पल में आयोजित एक जनसभा में सोनिया गांधी को विषकन्या कहा। जनसभा को संबोधित करते हुए बासनगौड़ा पाटिल यतनाल ने कहा कि आज पूरी दुनिया पीएम मोदी को मान रही है। एक समय अमरीका ने उन्हें वीजा देने से मना कर दिया था। लेकिन अब वहीं अमरीका मोदी के लिए रेड कार्पेट बिछाता है।

भाजपा विधायक ने कहा, वो (खरगे) उनकी (पीएम मोदी) की तुलना कोबरा सांप से कर रहे हैं। कह रहे हैं कि वो जहर उगलेंगे। लेकिन जिस पार्टी में आफ नाच रहे हैं, क्या सोनिया गांधी विषकन्या है? सोनिया गांधी ने चीन और पाकिस्तान के साथ एजेंट के रूप में काम किया। उनके बयान पर छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल का पलटवार सामने आया था।

यह भी पढ़ें - 'मौत का सौदागर', 'चाय वाला', 'जहरीला सांप'... PM मोदी पर कब-कब हुए 'कड़े' कमेंट्स