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केंद्र ने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति का किया बचाव, कहा- याचिकाकर्ता विवाद पैदा करने की कोशिश कर रहे

CEC एक्ट भारत के मुख्य जजों को चुनाव आयोग के सदस्यों का चयन करने वाले उच्च-स्तरीय पैनल से हटा सकता है, और उनकी जगह केंद्रीय मंत्रिमंडल के सदस्य को नियुक्त कर सकता है।
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नई दिल्ली

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Akash Sharma

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Updated: 20 Mar 2024, 3:47 PM IST

Government defends appointment of election commissioners

सरकार ने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति का किया बचाव

सरकार ने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति के लिए कानून पर किसी भी रोक का विरोध किया है। साथ ही यह तर्क दिया कि कानून के लिए कोई भी चुनौती राजनीति से प्रेरित है। हानिकारक बयानों के आधार पर बनाई गई है। सरकार ने यह भी बताया कि मुख्य चुनाव आयुक्त अधिनियम की चुनौतियां चुनाव आयोग में नियुक्त व्यक्तियों की साख पर सवाल नहीं उठाती हैं। यह सब ऐसे टाइम में हो रहा है जब लोकसभा चुनाव में अब एक महीने से भी कम समय रह गया है।

क्या है CEC एक्ट

सीईसी अधिनियम भारत के मुख्य न्यायाधीश को चुनाव आयोग के सदस्यों का चयन करने वाले उच्च स्तरीय पैनल से हटा देता है। इस कानून के तहत अब तीन सदस्यीय समिति में प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्रिमंडल का एक सदस्य और विपक्ष के नेता शामिल होते हैं। मुख्य न्यायाधीश को हटाने, इसको निष्पक्ष मतदान के रूप में देखा जाता है - ने चिंताओं को जन्म दिया है कि सरकार अपने उम्मीदवारों को जबरन चुन सकती है।

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