फाइजर की कोरोना वैक्सीन 5 से 11 साल के बच्चों पर 90 फीसदी से अधिक प्रभावी पाई गई है। उम्मीद है कि अब जल्द ही बच्चों का टीकाकरण शुरू हो जाएगा।
नई दिल्ली। दुनियाभर में कोरोना महामारी के खिलाफ टीकाकरण अभियान युद्धस्तर पर जारी है। बता दें कि अभी 18 वर्ष अधिक आयु के लोगों को कोरोना वैक्सीन लगाई जा रही हैं। वहीं दुनियाभर के वैज्ञानिक बच्चों के लिए कोरोना वैक्सीन बनाने में जुटे हुए हैं। इस बीच अमेरिका की एक फार्मास्युटिकल कंपनी फाइजर ने बड़ा दावा किया है। कंपनी का कहना है कि फाइजर की कोरोना वैक्सीन 5 से 11 साल तक के बच्चों पर 90 फीसदी से अधिक प्रभावी देखी गई है।
2 हजार से अधिक बच्चों पर हुआ परीक्षण
बता दें कि फाइजर ने ट्रायल के नतीजों को आधिकारिक तौर पर जारी कर दिया है। इस ट्रायल में फाइजर ने 2,268 बच्चों पर अध्ययन किया है। अध्ययन में शामिल बच्चों को तीन सप्ताह के अंतर पर प्रायोगिक औषधि या टीके की कम मात्रा वाली खुराक दी गई। बच्चों को दी जाने वाली प्रत्येक खुराक की मात्रा किशोरों और वयस्कों को दी जा रही खुराक की एक तिहाई थी। वहीं इस अध्ययन में काफी बेहतर परिणाम सामने आए हैं।
जल्द शुरू हो सकता है टीकाकरण
खास बात यह है कि फाइजर के इस ट्रायल के नतीजे ऐसे समय में सामने आए हैं जब अमेरिका सहित दुनिया के कई देश बच्चों के टीकाकरण पर विचार कर रहा है। भारत में कोरोना की तीसरी लहर को बच्चों के लिए खतरनाक बताया गया है, ऐसे में भारत सरकार भी बच्चों के टीकाकरण को जल्द शुरू करने की योजना बना रही है। अब उम्मीद है कि अमेरिका में जल्द ही बच्चों का टीकाकरण शुरू हो सकता है। इसके लिए बस कंपनी को नियामक की मंजूरी लेनी होगी।
गौरतलब है कि करीब एक साल से अधिक समय से पूरा विश्व कोरोना महामारी से जूझ रहा है। ऐसे में कोरोना की वैक्सीन आने के बाद लोगों ने वापस काम पर जाना शुरू कर दिया। इसके साथ ही 18 वर्ष से अधिक आयु के लोग भी टीकाकरण के बाद कॉलेज जा रहे हैं। वहीं बच्चों के लिए अब तक कोई वैक्सीन न होने के चलते ज्यादातर बच्चे अभी भी ऑनलाइन क्लास के सहारे पढ़ाई कर रहे हैं। हालांकि फाइजर के इस दावे के बाद से बच्चों के चेहरों पर एक बार फिर से मुस्कान आ गई है।