5 फ़रवरी 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

फुलवारी शरीफ मामले में NIA की सख्ती, PFI के करीब 25 ठिकानों पर हो रही है छापेमारी

Breaking News पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया के फुलवारी शरीफ मामले में NIA कर्नाटक, केरल और बिहार में करीब 25 जगहों पर छापेमारी कर रही है। एनआईए ने अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। छापेमारी के दौरान, सूत्रों ने दावा किया कि उन्होंने कुछ आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए हैं।

2 min read
Google source verification
nia.jpg

PFI के करीब 25 ठिकानों पर छापेमारी

PFI Case NIA Raid : राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (NIA) ने बुधवार को बिहार के फुलवारी शरीफ में प्रतिबंधित इस्लामिक संगठन PFI के एक संदिग्ध मॉड्यूल के खिलाफ अपनी जांच के तहत देशभर में 25 जगहों पर छापेमारी कर रहा है। NIA बिहार, केरल और कर्नाटक में पीएफआई के जमीनी कार्यकर्ताओं के यहां छापेमारी की कार्रवाई को अंजाम दे रहा है। केंद्र सरकार ने PFI और उसके सहयोगियों पर पांच साल के लिए बैन लगा दिया गया था। उस पर आतंकवादी समूहों और विध्वंसक गतिविधियों से जुड़े होने का आरोप है। इस प्रतिबंध की सिफारिश उत्तर प्रदेश, कर्नाटक और गुजरात की राज्य सरकारों ने की थी।

NIA ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं

NIA ने अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। छापेमारी के दौरान, सूत्रों ने दावा किया कि उन्होंने कुछ आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए हैं। एक सूत्र ने कहा, हम फंडिंग एंगल की जांच कर रहे हैं। इन क्षेत्रों से फंडिंग की जा रही थी जहां हम छापेमारी कर रहे हैं। कर्नाटक में दक्षिण कन्नड़ इलाके में छापे मारे जा रहे हैं। और विवरण की प्रतीक्षा थी।

फुलवारी शरीफ मामला क्या है?

यह मामला शुरू में 12 जुलाई 2022 को बिहार की राजधानी पटना के फुलवारी शरीफ थाने में दर्ज किया गया था। एनआईए ने 22 जुलाई 2022 को फिर से मामला दर्ज किया था। एनआईए ने 7 जनवरी 2023 को चार आरोपियों के खिलाफ आरोपपत्र दायर किया था।

प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन सिमी का पूर्व सदस्य है अनवर

एनआईए ने कहा था, जांच से पता चला है कि अनवर प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन सिमी का पूर्व सदस्य है और वर्तमान में बिहार और उत्तर प्रदेश के कई पीएफआई सदस्यों से जुड़ा हुआ है, जिसमें एक अतहर परवेज भी शामिल है, जिसे प्राथमिकी में नामित किया गया था और पिछले साल 12 जुलाई को गिरफ्तार किया गया था।

PFI के मुख्य एजेंडा, भारत में इस्लामिक शासन स्थापित करना

एनआईए की जांच के अनुसार, पीएफआई के लिए काम करने के लिए सिमी के पूर्व सदस्यों के एक गुप्त समूह को तैयार करने में अनवर की महत्वपूर्ण भूमिका थी। पीएफआई के बैनर तले मुख्य एजेंडा भारत में इस्लामिक शासन स्थापित करना था, जैसा कि संगठन के 'भारत 2047 दस्तावेज' में कल्पना की गई थी।