
75 रंगोलियों से सजा राजकोट शहर। फोटो- IANS
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 75वें जन्मदिन के अवसर पर गुजरात के राजकोट में गांधी म्यूजियम के प्रांगण में एक अनूठा आयोजन किया गया। गांधी संग्रहालय परिसर में स्थानीय कलाकारों के एक समूह ने मिलकर 75 अनूठी रंगोलियां बनाई हैं, जिनमें से प्रत्येक मोदी सरकार की किसी बड़ी योजना और उपलब्धि को दर्शाती है।
यह आयोजन न केवल प्रधानमंत्री के योगदान को सम्मानित करने का एक प्रयास है, बल्कि कला के माध्यम से उनकी नीतियों और उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने का भी एक अनोखा तरीका है।
इन रंगोलियों की थीम केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं जैसे 'मेक इन इंडिया', 'स्वच्छ भारत अभियान', 'डिजिटल इंडिया', और 'आयुष्मान भारत' जैसी पहलों पर आधारित है।
इसके अलावा, प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हुए बुनियादी ढांचे के विकास, जैसे सड़क, रेल, और बंदरगाह परियोजनाओं को भी रंगोलियों में उकेरा गया है।
आयोजन में भाग लेने वाले कलाकारों ने इन रंगोलियों के माध्यम से देश के प्रगति पथ पर अग्रसर होने की कहानी को जीवंत करने का प्रयास किया है।
प्रमुख योगदानकर्ताओं में से एक, हरेश बडेलिया ने आईएएनएस को बताया कि हमने 75 रंगोलियां बनाई हैं, जिनमें से प्रत्येक में प्रधानमंत्री मोदी द्वारा शुरू की गई एक योजना को दर्शाया गया है। पूरा ध्यान उनके नेतृत्व में देश की विकास यात्रा को उजागर करने पर है।
एक अन्य प्रतिभागी नीलम चंचल ने कहा कि मैंने ऑपरेशन सिंदूर और मिशन सुदर्शन चक्र पर आधारित रंगोली बनाई। ये योजनाएं राष्ट्रीय सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती हैं। यह उस नेता को मेरी विनम्र श्रद्धांजलि है जिसने भारत को बदल दिया है।
इस पहल का हिस्सा रहीं विभा चौहान ने गर्व व्यक्त करते हुए कहा कि मेरी रंगोली बुनियादी ढांचे से लेकर सामाजिक कल्याण तक, विकास के विभिन्न रूपों को दर्शाती है और हमारे सशस्त्र बलों के पराक्रम को भी सलाम करती है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व ने वास्तविक बदलाव लाया है।"
एक प्रतिभागी ने उत्साह के साथ बताया कि हम यहां प्रधानमंत्री मोदी द्वारा शुरू की गई विभिन्न योजनाओं पर आधारित रंगोलियां बना रहे हैं। कुल 75 रंगोलियां बनाई जा रही हैं, जो उनके 75वें जन्मदिन का प्रतीक हैं। यह आयोजन न केवल कला का उत्सव है, बल्कि देश के विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है।
यह आयोजन स्थानीय लोगों और पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का केंद्र बन रहा है। रंगोलियों के माध्यम से न केवल कला का प्रदर्शन हो रहा है, बल्कि यह देश के विकास और प्रगति की कहानी को भी रंगों के माध्यम से जीवंत कर रहा है। आयोजकों का कहना है कि यह पहल प्रधानमंत्री के विजन को जनता तक पहुंचाने का एक रचनात्मक प्रयास है।
उधर, पीएम मोदी के जन्मदिन पर गयाजी में होने वाले 'पीएम विश्वकर्मा एवं नेशनल एससी-एसटी हब महासम्मेलन-2025' में पूरे बिहार से हजारों लाभार्थी जुटेंगे। केंद्रीय सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्री जीतन राम मांझी इसका उद्घाटन करेंगे।
यह आयोजन बोधगया के अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में होगा, जिसकी शुरुआत 2023 में पीएम के जन्मदिन पर हुई थी। मांझी ने बताया कि यह सम्मेलन कारीगरों, छोटे उद्यमियों, और एससी-एसटी समुदाय के युवाओं को सशक्त बनाने का मंच बनेगा।
उन्होंने कहा कि गया में आज तक एमएसएमई का ऐसा बड़ा आयोजन नहीं हुआ। बिहार से लाभार्थी इकट्ठा होकर योजना की प्रगति साझा करेंगे। पीएम विश्वकर्मा योजना से 18 पारंपरिक कला को बढ़ावा मिलेगा, सर्टिफिकेट, लोन और टूलकिट वितरण होगा। नेशनल एससी-एसटी हब से आर्थिक सशक्तीकरण और रोजगार सृजन होगा।
Published on:
17 Sept 2025 07:25 am
बड़ी खबरें
View Allबिहार चुनाव
राष्ट्रीय
ट्रेंडिंग
