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PM मोदी की शिकायत करने चुनाव आयोग पहुंचे कांग्रेसी, कांग्रेस के घोषणा पत्र को प्रधानमंत्री ने बताया था ‘मुस्लिम लीग की छाप’

Lok Sabha Elections 2024: कांग्रेस के घोषणा पत्र को मुस्लिम लीग की छाप बताने पर नेताओं के एक दल चुनाव आयोग से प्रधानमंत्री की शिकायत की है।

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कांग्रेस के घोषणा पत्र में मुस्लिम लीग की छाप बताने पर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने सोमवार को जवाब दिया। इसके बाद कांग्रेस नेताओं के एक दल ने आज दिल्ली में चुनाव आयोग के दफ्तर में जाकर प्रधानमंत्री के बयान पर आपत्ती जताते हुए शिकायत दर्ज कराई है। बता दें कि पीएम मोदी ने 7 अप्रैल को राजस्थान के अजमेर (पुष्कर) में एक रैली को संबोधित करते हुए कांग्रेस के घोषणापत्र को 'झूठ का पुलिंदा' बताया था।

झूठ का पुलिंदा है कांग्रेस का घोषणा पत्र

पीएम मोदी ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा था, 'मुस्लिम लीग की छाप वाले इस घोषणापत्र में जो कुछ बचा था उस पर वामपंथी हावी हो गए हैं। आज कांग्रेस के पास न तो सिद्धांत हैं और न ही नीतियां। ऐसे लगता है कि जैसे कांग्रेस ने सब कुछ ठेके पर दे दिया है और पूरी पार्टी को आउटसोर्स कर दिया है।'

180 सीटों का भी आंकड़ा नहीं पार कर पाएगी बीजेपी

कांग्रेस ने प्रधानमंत्री की टिप्पणी पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि वह लोकसभा चुनावों में बीजेपी की 180 सीटों के आंकड़े को पार करने की संभावना से डरे हुए हैं और इसलिए फिर से वही 'घिसी-पिटी हिंदू-मुस्लिम स्क्रिप्ट' का सहारा ले रहे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बीजेपी पर पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि उनके 'वैचारिक पूर्वजों' ने स्वतंत्रता संग्राम में भारतीयों के खिलाफ ब्रिटिश और मुस्लिम लीग का समर्थन किया था।

सभी जानते हैं आपके पुरखों ने मुस्लिम लीग के साथ सरकार बनाई थी

वहीं, प्रधानमंत्री के इस बयान पर कांग्रेस अध्यक्ष खड़गे ने सोमवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ''मोदी-शाह के राजनीतिक व वैचारिक पुरखों ने स्वतंत्रता आंदोलन में भारतीयों के खिलाफ अंग्रेज़ों और मुस्लिम लीग का साथ दिया। आज भी वो आम भारतीयों के योगदान से बनाए गए 'कांग्रेस न्याय पत्र' के खिलाफ मुस्लिम लीग की दुहाई दे रहे हैं। मोदी-शाह के पुरखों ने 1942 में 'भारत छोड़ो आंदोलन' के दौरान, महात्मा गांधी के आह्वान व मौलाना आज़ाद की अध्यक्षता वाले आंदोलन का विरोध किया।''

उन्होंने आगे अपने पोस्ट में लिखा, ''सभी जानते हैं कि आपके पुरखों ने 1940 में मुस्लिम लीग के साथ मिलकर बंगाल, सिंध और एनडब्ल्यूएफपी में अपनी सरकार बनाई। क्या श्यामा प्रसाद मुखर्जी ने तत्कालीन अंग्रेज़ी गवर्नर को ये नहीं लिखा कि 1942 के देश व कांग्रेस के 'भारत छोड़ो आंदोलन' को कैसे दबाना चाहिए? और, इसके लिए वे अंग्रेज़ों का साथ देने के लिए तैयार हैं?''

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