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पश्चिम एशिया संकट के बीच पीएम मोदी की हाई लेवल मीटिंग, ऊर्जा-उर्वरक आपूर्ति की समीक्षा

PM Modi Meeting: पश्चिम एशिया संकट के बीच पीएम मोदी ने हाई लेवल मीटिंग की है। इस मीटिंग में ऊर्जा, तेल-गैस और उर्वरक आपूर्ति की समीक्षा कर सप्लाई चेन और लॉजिस्टिक्स को मजबूत रखने पर जोर दिया गया है।

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भारत

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Rahul Yadav

Mar 22, 2026

PM Modi Meeting West Asia Conflict

PM Modi Meeting West Asia Conflict (Image Source: ANI)

PM Modi Meeting West Asia Conflict: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच भारत सरकार ने ऊर्जा और जरूरी संसाधनों की उपलब्धता को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। एएनआई के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को राजधानी दिल्ली में एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। इस बैठक में पेट्रोलियम,कच्चे तेल, गैस, बिजली और उर्वरक क्षेत्रों की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई।

बैठक का मुख्य फोकस देश में आवश्यक संसाधनों की निर्बाध आपूर्ति, लॉजिस्टिक्स की स्थिरता और वितरण व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने पर रहा है।

सप्लाई चेन और वितरण पर खास जोर

बैठक में इस बात पर विशेष ध्यान दिया गया कि वैश्विक तनाव के बावजूद भारत में ऊर्जा और उर्वरक की सप्लाई प्रभावित न हो। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सप्लाई चेन को मजबूत रखा जाए और देशभर में संसाधनों का सुचारु वितरण सुनिश्चित किया जाए।

हॉर्मुज स्ट्रेट पर असर, वैश्विक बाजार में हलचल

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष अब चौथे हफ्ते में प्रवेश कर चुका है। इस तनाव का असर हॉर्मुज स्ट्रेट के जरिए होने वाले व्यापार पर पड़ा है, जो वैश्विक तेल आपूर्ति का अहम मार्ग है। इस वजह से अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी दबाव बढ़ा है।

ईरान-अमेरिका-इजरायल तनाव से बिगड़े हालात

28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद तनाव और बढ़ गया। इसके जवाब में ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी और इजरायली ठिकानों को निशाना बनाया, जिससे क्षेत्र में अस्थिरता और गहरा गई है।

डीजल की कीमतों में उछाल

संघर्ष के असर से ऊर्जा कीमतों में भी तेजी देखी जा रही है। औद्योगिक डीजल की कीमत करीब 25 फीसदी बढ़कर 87.67 रुपये प्रति लीटर से 109.59 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गई है।

सरकार के राहत और निगरानी कदम

इसी बीच, अमेरिका के टेक्सास से एलपीजी लेकर एक कार्गो जहाज मंगलुरु के न्यू मैंगलोर पोर्ट पहुंचा है, जिससे आपूर्ति को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

वहीं, शिपिंग मंत्रालय ने 14 से 31 मार्च तक कच्चे तेल और एलपीजी से जुड़े कार्गो पर शुल्क में छूट देने का फैसला किया है। मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि देश के किसी भी बंदरगाह पर फिलहाल कोई भीड़ नहीं है और स्थिति सामान्य बनी हुई है।

उन्होंने यह भी जानकारी दी कि फारस की खाड़ी क्षेत्र में मौजूद भारत के सभी 22 जहाज और 611 नाविक सुरक्षित हैं और सरकार लगातार स्थिति की निगरानी कर रही है।

स्थिति पर सरकार की नजर

सरकार ने साफ किया है कि पश्चिम एशिया के हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है। जरूरत पड़ने पर आगे भी जरूरी कदम उठाए जाएंगे, ताकि देश में ऊर्जा और उर्वरक की आपूर्ति प्रभावित न हो और आम लोगों को किसी तरह की परेशानी न झेलनी पड़े।