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Political Uncle Of India : राजनीतिक ‘चाचाओं’ के चक्रव्यूह पर भारी पड़ रहे ‘भतीजे’

Political Uncle Of India : कबड्डी के खेल में कोई काका नहीं होता। दादा के दम पर पहलवानी नहीं होती। देश के राजनीति अखाड़ों में यह बात सौ फीसदी लागू होती है। उत्तर प्रदेश हो या फिर बिहार। महाराष्ट्र हो अन्य कोई प्रदेश हर जगह 'चाचाओं' के राजनीतिक चक्रव्यूह पर 'भतीजे' भारी पड़ते हुए दिखाई दे रहे हैं।

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Political Uncle Of India : कबड्डी के खेल में कोई काका नहीं होता। दादा के दम पर पहलवानी नहीं होती। देश के राजनीति अखाड़ों में यह बात सौ फीसदी लागू होती है। उत्तर प्रदेश हो या फिर बिहार। महाराष्ट्र हो अन्य कोई प्रदेश हर जगह 'चाचाओं' के राजनीतिक चक्रव्यूह पर 'भतीजे' भारी पड़ते हुए दिखाई दे रहे हैं। लोकसभा चुनाव से पहले मल्लयुद्ध शुरू हो चुका है। दांव पेंच के साथ पूरा दमखम भी आजमाने की तैयारी है लेकिन भतीजों ने दांव ही ऐसा चल दिया है कि चाचा अखाड़ों तक ही नहीं पहुंच पा रहे हैं।


आज हिंदुस्तान की राजनीति के ऐसे ही चाचा भतीजों से आपको मिलाते हैं जो देश की राजनीति को न केवल गर्म किए हुए हैं बल्कि उनकी चालों से राजनीति की दशा एक अलग ही करवट ले रही है। शरद पवार और अजित पवार का पॉवर क्लैश आपके सामने ही है लेकिन बिहार में भी बवाल अब चरम पर है। उत्तर प्रदेश की राजनीति में अखिलेश और शिवपाल के तेवर बदल तो गए हैं लेकिन तल्खी आज भी कायम है। सारे दांवपेंच के बीच 'चचा' अब 'जान' नहीं रह गए हैं...


Bihar: पशुपति कुमार और चिराग पासवान

बिहार में चाचा पशुपति कुमार और भतीजे चिराग पासवान में घमासान मचा हुआ है। लोकसभा चुनाव से पहले लोकसभा में हाजीपुर सीट को लेकर एक बार फिर चिराग पासवान और चाचा पशुपति कुमार एक-दूसरे के आमने-सामने है। दोनों ने ही हाजीपुर सीट से चुनाव लड़ने का दावा पेश कर दिया है। खुद को पीएम मोदी का हनुमान बताने वाले चिराग अपने चाचा पर भारी पड़ते नजर आ रहे है। बीते दिनों चिराग ने कहा कि उने पिता चाहते थे कि वे हाजीपुर से चुनाव लड़ें। हाजीपुर उनके पिता के लिए सब कुछ रहा। इसलिए इसको छोड़ नहीं सकते। चिराग रामविलास का बेटा है वो किसी से डरेगा नहीं।


Maharashtra: शरद पवार बनाम अजित पवार

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) प्रमुख शरद पवार के भतीजे अजित पवार बीते दिनों पार्टी से बगावत कर अपने समर्थक विधायकों के साथ एकनाथ शिंदे-देवेंद्र फडणवीस सरकार में शामिल हो गए हैं। बीते शनिवार को पार्टी से विद्रोह करने वाले भतीजे अजीत पवार की उनकी गोपनीय मुलाकात से विपक्षी दलों की आशंका को और बल मिला है। बगावत के 43 दिनों में शरद-अजित के बीच ये चौथी मुलाकात पुणे में एक बिजनेसमैन के आवास पर हुई। लिहाजा महाराष्ट्र की राजनीति में सवालिया निशान हवा में तैर रहा है। शरद पवार ने कहा कि एनसीपी और कांग्रेस ने पिछला चुनाव साथ मिलकर लड़ा था. इसलिए वैचारिक रुख नहीं बदला जा सकता। वहीं अजित पवार बार-बार अपने चाचा को मानने की कोशिश में जुटे हुए है।

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Uttar Pradesh: अखिलेश यादव और शिवपाल सिंह यादव

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव इन दिनों को बार फिर सुर्खियों में छाए हुए है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव और उनके भजीते अखिलेश यादव के बीच एक बार फिर अनबन की खबरें सामने आ रही है। यूपी के पूर्व सीएम मुलायम सिंह यादव के छोटे भाई शिवपाल सिंह यादव और अखिलेश में कई बार विचारों का टकराव देखने को मिला। हाल ही में सीएम योगी ने दोनों तंज कसते हुए कहा कि 2012 से 17 के बीच प्रदेश की जनता चाचा-भतीजे के बीच द्वंद्व का शिकार होती रही। भतीजे को लगता था कि चाचा हावी ना हो जाएं, इसलिए पैसे नहीं देते थे।

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