
Political Reactions on Ghulam Nabi Azad Resignation From Congress Kuldeep Bishnoi attacks on Rahul Gandhi
Ghulam Nabi Azad Resignation: कांग्रेस से इस्तीफा देने के बाद गुलाम नबी आजाद ने जम्मू कश्मीर ने नई पार्टी बनाने की घोषणा कर दी है। उनके पार्टी छोड़ने के बाद जम्मू कश्मीर में कांग्रेस के कई अन्य नेताओं ने भी इस्तीफा दे दिया है। इधर गुलाम नबी के कांग्रेस से आजाद होने के बाद राजनीतिक गलियारों में प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है। कांग्रेस-भाजपा के कई बड़े नेताओं ने उनके इस्तीफे पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।
गुलाम नबी आजाद जैसे दिग्गज नेता के कांग्रेस छोड़ने पर विपक्षी नेता कांग्रेस पर तंज कस रहे हैं। जबकि कांग्रेस के कई नेताओं ने आजाद के इस्तीफे को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। कांग्रेस नेता अजय माकन ने कहा कि हमने आजाद साहब का इस्तीफे का पत्र देखा। दुख की बात है कि उन्होंने ऐसे समय में कांग्रेस छोड़ने का फैसला किया जब कांग्रेस देश भर में बढ़ती महंगाई, बेरोज़गारी, ध्रुवीकरण की लड़ाई लड़ने जा रही है। दुख की बात है कि वे इस लड़ाई में हिस्सा नहीं बन रहे।
राजस्थान सीएम अशोक गहलोत गुलाम नबी आजाद के इस्तीफे पर कहा कि मैं खुद सदमे में हूं कि एक 42 साल का व्यक्ति जिसे जिंदगी में सब कुछ मिला हो वो आज ऐसे संदेश दे रहें जो मेरे समझ के परे हैं। वहीं कांग्रेस के पूर्व नेता अश्विनी कुमार ने आजाद के इस्तीफे को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि, यह कांग्रेस पार्टी और देश के लोकतंत्र के लिए एक दुखद दिन है। इसके बावजूद, पार्टी बदलने से इनकार करती है और इसीलिए आप वरिष्ठ नेताओं को जाते हुए देखते हैं क्योंकि वे अलग-थलग और अपमानित महसूस करते हैं।
हाल ही में कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल कुलदीप बिश्नोई ने गुलाम नबी आजाद के इस्तीफे पर कहा कि ये कहना गलत नहीं होगा कि कांग्रेस आत्मविनाश, और आत्मघाती मोड में है। 'मेरा सुझाव है कि राहुल गांधी अपने अहंकार को अलग रखें, गुलाम नबी आजाद का भाजपा में स्वागत है। पार्टी मुझसे कहे तो मैं उन्हें पार्टी में शामिल होने के लिए मना सकता हूं।'
इधर जम्मू-कश्मीर की प्रमुख पार्टी नेशनल कांफ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला ने गुलाम नबी आजाद के इस्तीफे पर कहा कि गुलाम नबी आजाद को पहले की तरह सम्मान नहीं मिल रहा होगा। पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के समय से आजाद इनर कैबिनेट के सदस्य रहे। आज भी सोनिया गांधी के करीबी थे। इस्तीफे पर मुझे बड़ा अफसोस है। लेकिन ऐसा पहले भी हुआ है, पर समय के साथ कांग्रेस और मजबूत हुई है। देश को मजबूत विपक्ष की जरूरत है।'
गुलाम नबी आजाद के इस्तीफे पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता आनंद शर्मा ने कहा कि जाहिर है कि वे बहुत आहत हुए होंगे। इस स्थिति को आने से बचाई जा सकती थी और यह बात समय-समय पर बताई भी गई। हम निरंतर कमज़ोर होते जा रहे हैं। हमारा यही लक्ष्य रहा है कि राय मशवरा करके उसको हम सुधार सकें। बताते चले कि गुलाम नबी आजाद 42 साल से कांग्रेस में थे। उन्होंने इंदिरा गांधी, राजीव गांधी के साथ-साथ सोनिया गांधी और राहुल गांधी के समय में भी कांग्रेस के लिए काम किया।
Published on:
26 Aug 2022 06:28 pm
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