
Bihar Elections: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले सियासी बयानबाजी चरम पर पहुंच गई है। बिहार सरकार के मंत्री मदन सहनी ने राजद नेता तेजस्वी यादव पर तीखा हमला बोला, उनकी 'वोटर अधिकार यात्रा' को नौटंकी करार देते हुए कहा कि यह जनता से जुड़ा मुद्दा नहीं है। सहनी ने दावा किया कि वोटर लिस्ट से फर्जी नाम हटाना सामान्य प्रक्रिया है, और जनता लोकसभा चुनाव की तरह विधानसभा चुनाव में भी राजद को करारा जवाब देगी।
मदन सहनी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के 20 साल के कार्यकाल की तारीफ की, जिसमें सड़क, बिजली, और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में विकास हुआ। उन्होंने कहा कि जनता नीतीश के काम से संतुष्ट है और राजद के शासन को देख चुकी है। सहनी ने एनडीए के लिए 225 सीटों का लक्ष्य रखा, दावा करते हुए कि नीतीश ही फिर से मुख्यमंत्री बनेंगे। उन्होंने तेजस्वी के मुख्यमंत्री बनने के सपने को खारिज कर कहा कि 'वोटर अधिकार यात्रा' से कुछ हासिल नहीं होगा।
राजद नेता आलोक मेहता ने तेजस्वी और राहुल गांधी की 'वोटर अधिकार यात्रा' को जनता का समर्थन मिलने का दावा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि एनडीए वोट के जरिए जीतने में असमर्थ है, इसलिए विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के जरिए 65 लाख वोटरों के नाम काटने की साजिश रची जा रही है। मेहता ने अपनी विधानसभा का उदाहरण देते हुए कहा कि 23,000 वोटरों के नाम हटाए गए, जिनमें से ज्यादातर अस्थायी रूप से बाहर गए लोग हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि विधानसभा चुनाव से ठीक पहले एसआईआर क्यों शुरू किया गया, और इसे 'वोट चोरी' की साजिश बताया।
मेहता ने एनडीए से पूछा कि उनका मुख्यमंत्री चेहरा कौन होगा, जबकि सहनी ने नीतीश को ही चेहरा बताया। राजद ने सीट बंटवारे पर कहा कि समय आने पर जवाब दिया जाएगा। 'वोटर अधिकार यात्रा' में अखिलेश यादव और सिद्धारमैया जैसे नेताओं की भागीदारी ने इसे और मजबूती दी है। बिहार की सियासत में बेरोजगारी, पलायन, और वोटर लिस्ट विवाद जैसे मुद्दे 2025 के चुनाव को रोमांचक बना रहे हैं।
Published on:
25 Aug 2025 06:57 pm
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