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Amit Shah Bengal Rally: शाह की हुंकार- ‘ममता दीदी आपका वक्त खत्म’, बंगाल को बांटने का लगाया आरोप, घुसपैठ पर बड़ा अल्टीमेटम

Infiltration: अमित शाह ने बागदोरा रैली में ममता सरकार को उखाड़ फेंकने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि 2026 में भाजपा सरकार बनते ही 45 दिनों के भीतर घुसपैठ पूरी तरह बंद कर दी जाएगी।

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भारत

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MI Zahir

Jan 31, 2026

छत्तीसगढ़ में अमित शाह का दौरा! नक्सलवाद पर केंद्र का फोकस, शनिवार को बस्तर में पंडुम महोत्सव में शिरकत(photo-patrika)

छत्तीसगढ़ में अमित शाह का दौरा! नक्सलवाद पर केंद्र का फोकस, शनिवार को बस्तर में पंडुम महोत्सव में शिरकत(photo-patrika)

Bagdogra Rally: पश्चिम बंगाल की सियासी जमीन (West Bengal Politics) पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक बार फिर तीखा हमला (Amit Shah Speech) बोला है। शाह ने शनिवार को बागडोगरा में कार्यकर्ताओं के एक विशाल सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर बंगाल की एकता को तोड़ने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि ममता बनर्जी ने वोट बैंक के लिए समुदायों को आपस में लड़ा दिया है, लेकिन अब उनका वक्त पूरा हो चुका है।

'बंगाल की एकता को किया चकनाचूर' (Mamata Banerjee)

अमित शाह ने अपने भाषण की शुरुआत ही ममता सरकार पर कड़े प्रहार से की। उन्होंने कहा, "ममता दीदी ने बंगाल की सामाजिक एकता को चकनाचूर कर दिया है। कभी आदिवासियों को कुर्मी समुदाय से लड़ाया, तो कभी अलग-अलग वर्गों में नफरत के बीज बोए।" शाह ने दावा किया कि राज्य में विभाजनकारी राजनीति चरम पर है। उन्होंने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा कि अब प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में रवींद्रनाथ टैगोर और स्वामी विवेकानंद के सपनों वाला 'सोनार बांग्ला' बनाने का समय आ गया है।

घुसपैठ को बताया राष्ट्रीय सुरक्षा का खतरा (Infiltration Issue)

गृह मंत्री ने घुसपैठ के मुद्दे को केवल बंगाल ही नहीं, बल्कि देश की सुरक्षा से जुड़ा मामला बताया। उन्होंने कहा कि असम और यूपी जैसे राज्यों में बीजेपी सरकार आते ही घुसपैठ रुक गई, लेकिन बंगाल में तुष्टीकरण के कारण यह जारी है। शाह ने संसद की एक घटना का जिक्र करते हुए कहा, "टीएमसी के लोग 'वंदे मातरम' का विरोध सिर्फ इसलिए करते हैं क्योंकि उन्हें लगता है कि इससे उनका घुसपैठिया वोट बैंक नाराज हो जाएगा। लेकिन बंगाल की जनता 2026 के चुनाव में इसका करारा जवाब देगी।"

45 दिनों का अल्टीमेटम और BSF को जमीन

शाह ने कलकत्ता हाईकोर्ट के एक आदेश का हवाला देते हुए ममता सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि कोर्ट ने 31 मार्च 2026 तक बीएसएफ को सीमा सुरक्षा के लिए जमीन देने का आदेश दिया है, लेकिन ममता सरकार ऐसा नहीं करेगी। शाह ने वादा किया, "जैसे ही बंगाल में बीजेपी की सरकार बनेगी, हम 45 दिनों के भीतर बीएसएफ को जमीन सौंप देंगे। इसके बाद एक-एक घुसपैठिये की पहचान कर उसे राज्य से बाहर निकाला जाएगा।"

महिला सुरक्षा और विकास पर सवाल

शाह ने राज्य में महिलाओं की सुरक्षा पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि संदेशखाली जैसी घटनाओं के बाद यह साफ है कि महिलाएं बंगाल में सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी के आदिवासी सांसदों पर हमले हो रहे हैं और नेताओं पर झूठे केस लादे जा रहे हैं। शाह ने कहा कि कम्युनिस्टों के बाद ममता सरकार ने भी बंगाल को विकास की दौड़ में दशकों पीछे धकेल दिया है, लेकिन अब 'परिवर्तन' तय है।

अमित शाह के आरोपों पर सियासी प्रतिक्रियाएं (BJP Bengal 2026)

टीएमसी का पलटवार: तृणमूल कांग्रेस के सूत्रों का कहना है कि बीजेपी चुनाव से पहले हमेशा ध्रुवीकरण की राजनीति करती है। 'वंदे मातरम' और घुसपैठ का मुद्दा केवल भावनाओं को भड़काने के लिए उठाया जा रहा है।

राजनीतिक विश्लेषक: जानकारों का मानना है कि बीजेपी 2026 के विधानसभा चुनावों को ध्यान में रख कर उत्तर बंगाल में अपनी पकड़ और मजबूत करना चाहती है, इसलिए आदिवासी और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों को हवा दी जा रही है।

इस मामले में आगे क्या ?

ममता की रैली: अमित शाह के दौरे के बाद ममता बनर्जी जल्द ही उत्तर बंगाल में एक बड़ी रैली कर सकती हैं।

बीएसएफ जमीन मुद्दा: हाईकोर्ट के आदेश के बाद राज्य सरकार का अगला कदम क्या होगा, इस पर नजर बनी रहेगी। क्या वे सुप्रीम कोर्ट जाएंगे या जमीन देंगे?

आदिवासी वोट बैंक: शाह के बयानों के बाद आदिवासी बहुल इलाकों में टीएमसी अपनी रणनीति बदल सकती है।

उत्तर बंगाल पर बीजेपी का विशेष फोकस क्यों?

अमित शाह का बागडोगरा (उत्तर बंगाल) में यह बयान देना कोई संयोग नहीं है। उत्तर बंगाल बीजेपी का गढ़ माना जाता है। पिछले लोकसभा चुनावों में भी यहां पार्टी ने अच्छा प्रदर्शन किया था। शाह जानते हैं कि 2026 में सत्ता तक पहुंचने का रास्ता उत्तर बंगाल से ही होकर गुजरेगा। इसीलिए उन्होंने आदिवासियों, कुर्मी समुदाय और सीमा सुरक्षा (Infiltration) जैसे मुद्दों को उठाया, जो सीधे तौर पर इस क्षेत्र के लोगों को प्रभावित करते हैं।

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