
अनुराग मिश्रा। प्रयागराज: फाफामऊ के सीआरपीएफ़ सेंटर पर 85वां स्थापना दिवस काफ़ी धूमधाम से मनाया गया। इस मौक़े पर भव्य परेड का आयोजन किया गया। सीआरपीएफ के जिन जवानों ने कर्त्तव्य की बलिवेदी पर अपने प्राणों को न्योछावर कर सर्वोच्च बलिदान दिया, उनके परिजनों को इस परेड के अवसर पर आमंत्रित किया गया। छात्रों तथा एन सी सी कैडेट्स ने भी परेड का आनंद लिया। परेड में सीआरपीएफ की एक महिला टुकड़ी समेत कुल 8 टुकड़ियों ने विभिन्न सेक्टरों से भाग लिया। मार्च पास्ट के दौरान सभी जवानों का उल्लास, जोश एवं तारतम्यता देखते ही बन रही थी। परेड स्थल उत्साही दर्शकों से खचाखच भरा हुआ था।
इस मौक़े पर राष्ट्र की सेवा करते हुए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले बल के 2259 बहादुरों को, समारोह के दौरान, शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
महानिदेशक सीआरपीएफ अनीस दयाल सिंह ने अपने संबोधन में सभी को बल के द्वारा किए जा रहे कार्यों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि बल की अधिकांश बटालियनें जम्मू-कश्मीर, पूर्वोत्तर राज्यों एवं नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में तैनात हैं। वहां पर बल के प्रयासों के फलस्वरूप आतंकवाद और नक्सलवाद की घटनाओं में भारी कमी आई है जिसके फलस्वरूप इन राज्यों में शांति एवं विकास का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। धुर नक्सल प्रभावित इलाकों में नक्सलवाद पर आखिरी प्रहार करने के उद्देश्य से 31 नए फॉरवर्ड ऑपरेटिंग बेस स्थापित किए गए हैं।
इसके अतिरिक्त उन्होंने बल में नारी सशक्तिकरण के साथ एलएमसी (लो मेडिकल कैटेगरी) कार्मिकों के स्वास्थ्य सुधार के लिए चल रहे प्रयासों के बारे में बताया। साथ ही देश के विभिन्न तीर्थ स्थलों में बल की सफल तैनाती, अशांत क्षेत्रों में सिविक एक्शन प्रोग्राम के माध्यम से समग्र विकास में सहायता एवं पर्यावरण के संरक्षण में बल के योगदान का भी जिक्र किया।
उन्होंने बल द्वारा संचालित पीजी डिप्लोमा एवं डिप्लोमा सर्टिफिकेट कोर्सों को मान्यता प्रदान करने के लिए सीआरपीएफ एवं राष्ट्रीय रक्षा यूनीवर्सिटी के बीच समझौता ज्ञापन (MOU) का भी ज़िक्र किया। उन्होंने जानकारी दी कि वर्ष 2023-24 के दौरान आयोजित विभिन्न राष्ट्रीय खेल प्रतिस्पर्धाओं में, बल के जवानों ने 21 स्वर्ण, 25 रजत एवं 35 कांस्य पदक जीत कर बल का नाम रोशन किया है । महानिदेशक ने विश्वास दिलाया कि सीआरपीएफ अपने मूल मंत्र “सेवा और निष्ठा” के अनुरूप देश की सुरक्षा और संप्रभुता के लिए हमेशा समर्पित रहेगी।
इसके अलावा वीरता पदक विजेताओं को सम्मानित किया गया। सीआरपीएफ के विभिन्न संस्थानों को उनके सराहनीय कार्य के लिए ट्रॉफियां वितरित की गईं। अपर महानिदेशक, मध्य जोन, सीआरपीएफ ने मुख्य अतिथि को सीआरपीएफ दिवस परेड में उनकी गरिमामयी उपस्थिति के लिए धन्यवाद दिया। साथ ही आश्वस्त किया कि सीआरपीएफ अपनी राष्ट्र प्रथम की परंपरा जारी रखेगा और बल के वीर जवान अदम्य साहस, वीरता और उत्साह के साथ मातृभूमि की सेवा में तत्पर रहेंगे।
इस आयोजन के दौरान कोबरा, द्रुत कार्य बल, वैली क्यूएटी के अभ्यास-प्रदर्शन के साथ अन्य प्रदर्शन भी दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केन्द्र रहे। सीआरपीएफ के कोबरा कमांडोज़, जिनको जंगल वॉरियर्स के नाम से भी जाना जाता है, द्वारा धुर-नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान किए जाने वाले युद्ध कौशल का सटीक एवं शानदार प्रदर्शन किया गया। जम्मू कश्मीर में आतंकवादियों को उनके हाइडआउट्स पर जाकर नेस्तनाबूत करने की रणनीति का साहसिक प्रदर्शन सीआरपीएफ की जांबाज़ वैली क्यूएटी द्वारा किया गया। जबकि सीआरपीएफ के दंगा नियंत्रण दस्ते, द्रुत कार्य बल ने दंगाईयों को काबू में करने की अपनी दक्षता को बखूबी दर्शाया।
इसके अतिरिक्त बल में फिजिकल फिटनेस के महत्व को रेखांकित करते हुए योग एवं आसन के अभ्यास प्रदर्शन से मानसिक स्थिरता व एकाग्रता के साथ शारीरिक लचीलेपन में वृद्धि के बारे में अवगत कराया गया। साथ ही बल के लिए उपयुक्त शारीरिक मजबूती एवं चुस्ती-दुरुस्ती लाने हेतु किए जाने वाले विभिन्न अभ्यासों का अद्भुत एवं आकर्षक प्रदर्शन किया गया
कीर्ति चक्र विजेता - चेतन कुमार चीता, कमान्डेंट एवं राहुल माथुर, उप कमान्डेंट के साथ शौर्य चक्र से सम्मानित दिलीप मलिक,उप कमांडेंट, विक्की कुमार, उप कमांडेंट, सतेंद्र सिंह, सहायक कमान्डेंट, अनिरुद्ध प्रताप सिंह, सहायक कमान्डेंट, अमित कुमार, सहायक कमांडेंट एवं सिपाही गमित मुकेश कुमार ने परेड में भाग लिया।
इसके अलावा भारोत्तोलन की प्रख्यात खिलाड़ी एवं अर्जुन पुरस्कार व राजीव गांधी खेल रत्न विजेता पद्म श्री एन.,कुंजुरानी देवी, कमांडेंट ने परेड में भाग लिया। साथ ही अर्जुन पुरस्कार विजेता, जिनमे शामिल हैं श्रीमती साना माचा चानू, 2IC, अकरम साह, उप कमांडेंट, श्रीमती ए. अनीता चानू, उप कमांडेंट, के. एच थोंबी देवी, सहायक कमांडेंट, निरीक्षक गीता रानी, ने परेड में प्रतिभागिता की।
Published on:
21 Mar 2024 09:25 pm
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