
जब से दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल विपश्यना से लौटे हैं उनकी मुश्किलें और बढ़ गयी है। आबकारी नीति घोटाला मामले में पहले ही उनके कई मंत्री जेल जा चुके हैं अब गिरफ़्तारी की तलवार आप सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल के ऊपर लटक रही है। क्योंकि आम आदमी पार्टी सरकार अब दवा से लेकर दारू तक घिरती दिख रही है। लोकसभा चुनाव से पहले 'आप' सरकार के लिए रोज नई-नई मुश्किलें पैदा हो रही हैं। अब गृह मंत्रालय ने अरविंद केजरीवाल सरकार के अस्पतालों में कथित घटिया दवाओं की सप्लाई की सीबीआई जांच कराने को हरी झंडी दिखा दी है।
बीजेपी ने उठाया सवाल
बीजेपी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि रिपोर्ट के अनुसार एक दिन में 500 से अधिक मरीजों को देखा गया है, मरीजों को देखने की अधिकतम संख्या 533 है। जबकि, मोहल्ला क्लीनिक का औपचारिक समय सुबह 9 से 1 बजे तक है। उन्होंने सिर्फ 240 मिनट में 533 मरीजों को देखने पर सवाल खड़ा करते हुए पूछा कि सिर्फ आधे मिनट में कैसे एक व्यक्ति के रोग की जांच और उसका समाधान किया जा सकता है ? दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को दिल्ली की सर्दी में भी जांच की आंच से पसीने छूट रहे हैं।
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सौरभ भारद्वाज बोले- सीबीआई जांच का स्वागत
दिल्ली के हेल्थ मिनिस्टर सौरभ भारद्वाज ने कहा, "मैंने पिछले साल मार्च में पद संभालने के तुरंत बाद दवाओं का ऑडिट करने के निर्देश दिए थे, लेकिन दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य सचिव ने निर्देशों का पालन नहीं किया। मैं इस मामले की सीबीआई जांच का स्वागत करता हूं, लेकिन केंद्र इस अधिकारी को क्यों बचा रहा है। उन्हें तुरंत निलंबित किया जाना चाहिए।''
इनका मकसद पूछताछ नहीं, बल्कि मुझे गिरफ्तार करना है : केजरीवाल
बता दें कि 3 जनवरी को ईडी ने अरविंद केजरीवाल को शराब घोटाले में पूछताछ के लिए बुलाया था। इसपर जवाब देते हुए सीएम ने कहा कि वकीलों ने मुझे बताया कि ईडी ने जो समन मुझे भेजे हैं वे गैरकानूनी है। यह समन क्यों गैरकानूनी है, मैंने विस्तार से इसका जवाब ईडी को भेजा है। लेकिन उन्होंने मेरी एक भी बात का जवाब नहीं दिया। इसका मतलब यह है कि उनके पास मेरी बातों का जवाब नहीं है, और वे भी मानते हैं कि यह समन गैरकानूनी है।
ईडी के नोटिस का जवाब देते हुए केजरीवाल ने कहा बीजेपी उन्हें गिरफ्तार करवाना चाहती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि मेरी सबसे बड़ी संपत्ति मेरी ईमानदारी है। ये लोग झूठे आरोप लगाकर, झूठा समन भेज कर मुझे बदनाम करना चाहते हैं। इनका मकसद जांच करना तो है ही नहीं। इनका मकसद तो मुझे लोकसभा चुनाव में प्रचार करने से रोकना है।
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Published on:
05 Jan 2024 02:47 pm

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