
भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आइएआरआइ) के शोधकर्ताओं के अध्ययन से यह खुलासा हुआ है कि भूमि गुणवत्ता में आती गिरावट से कृषि उत्पादकता को हर वर्ष औसतन 3,654 रुपए प्रति हेक्टेयर का नुकसान हो रहा है। नुकसान की यह गणना 2011-12 की कीमतों के आधार पर की गई है। इस अध्ययन के नतीजे जर्नल लैंड डिग्रडेशन एंड डेवलपमेंट में प्रकाशित हुए हैं। अध्ययन के अनुसार, राजस्थान में जहां सबसे अधिक जमीन की गुणवत्ता प्रभावित है, वहीं इसका प्रति हेक्टेयर कृषि उत्पादकता पर सबसे अधिक असर उत्तर प्रदेश में नजर आ रहा है।
एक फीसदी भू-क्षरण से 104 रुपए का नुकसान
रिसर्च में यह भी सामने आया है कि भू-क्षरण में एक फीसदी की वृद्धि के चलते कृषि उत्पादकता को होने वाला यह नुकसान प्रति हेक्टेयर औसतन 104 रुपए बढ़ जाएगा। हालांकि साथ ही शोधकर्ताओं ने यह भी जानकारी दी है कि भूमि क्षरण में 10 फीसदी की गिरावट से उत्पादकता को होने वाला नुकसान घटकर 3,145 रुपए प्रति हेक्टेयर रह जाएगा।
करीब 12 करोड़ हेक्टेयर जमीन प्रभावित
नेशनल रिमोट सेंसिंग एजेंसी (एनआरएसए) के हालिया अनुमान के मुताबिक देश में करीब 9.64 करोड़ हेक्टेयर जमीन यानी देश का करीब 29.3 फीसदी हिस्सा भूमि की गुणवत्ता में आती गिरावट से जूझ रहा है। वहीं भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के मुताबिक देश में करीब 12 करोड़ हेक्टेयर जमीन गुणवत्ता में आती गिरावट का शिकार है।
गुणवत्ता में गिरावटः राजस्थान में सबसे अधिक जमीन प्रभावति
राज्य प्रभावित जमीन नुकसान का आकलन (रुपए/हेक्टेयर)
राजस्थान 20424/ 2821
मध्य प्रदेश 14095/ 3394
उत्तर प्रदेश 14405/ 15212
महाराष्ट्र 9,728/ 4,902
छत्तीसगढ़ 4784/ 1516
Published on:
08 Dec 2023 10:19 am
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