
Holiday: 53 वर्षों के बाद एक अनूठी घटना के उपलक्ष्य में ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने आगामी रथ यात्रा (Rath Yatra 2024) के लिए 7 और 8 जुलाई को दो दिवसीय अवकाश की घोषणा की है। पुरी में भगवान जगन्नाथ और उनके भाइयों की वार्षिक रथ यात्रा की व्यवस्था को देखने के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए, माझी ने इस अद्वितीय दो दिवसीय उत्सव के महत्व पर जोर दिया। बता दें कि ये आखिरी बार ऐसा संयोग 1971 में आया था। उन्होंने इस आयोजन के लाभों और भाग्यशाली समय पर प्रकाश डाला, जो वर्तमान भाजपा सरकार के कार्यकाल के अंतर्गत आता है। माझी ने कहा, ‘रथ यात्रा दो दिनों तक चलेगी, इसलिए मैं संबंधित अधिकारियों को इन दिनों सार्वजनिक अवकाश घोषित करने का निर्देश देता हूं। उन्होंने सभी अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने का भी आग्रह किया कि पुरी और ओडिशा के गौरव को बनाए रखने के लिए त्योहार सुचारू रूप से चले।’ मुख्यमंत्री के अनुसार, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के रथ यात्रा उत्सव में भाग लेने की उम्मीद है। संभवत: 6 जुलाई की शाम को पुरी की यात्रा करेंगी और 7 जुलाई को रथ खींचने और उत्सव में भाग लेंगी।
जगन्नाथ मंदिर के तीन देवता, जगन्नाथ, बलराम और सुभद्रा, तीन अलग-अलग रथों पर सवार होते हैं। रथयात्रा को इसी कारण से रथों के त्योहार के रूप में भी जाना जाता है। भगवान जगन्नाथ के भक्तों के लिए जगन्नाथ रथ यात्रा का खास महत्व है। रथ यात्रा इस साल 7 जुलाई से शुरू हो रही है। इसमें देश-विदेश से हर साल लाखों श्रद्धालुओं आते हैं। रेल मंत्री अश्वनी वैष्णव (Ashwini Vaishnaw) ने भगवान जगन्नाथ के भक्तों को खास गिफ्ट दिया है। रेल मंत्री ने कहा कि भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के लिए इंडियन रेलवे खास तैयारियां कर रही है। इसके लिए 315 स्पेशल ट्रेने चलाई जाएंगी। उन्होंने बताया कि कुल 15 हजार श्रद्धालुओं के लिए खास व्यवस्था की जा रही है।
Published on:
04 Jul 2024 11:49 am
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