
Pulwama Attack: सालों बीत जाने के बाद भी पुलवामा हमले में शहीद हुए वीर जवानों की याद आज भी उनके परिवारों की आँखों को नम कर देती है। 14 फरवरी 2019 को हुए इस कायराना आतंकवादी हमले की सातवीं बरसी पर देशभर में शहीदों को सम्मान और श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
गुरदासपुर के दीनानगर में सीआरपीएफ कांस्टेबल मनिंदर सिंह की शहादत की बरसी पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट हरप्रीत सिंह, कर्नल विश्वनाथ (25 एमएसी यूनिट) और लेफ्टिनेंट बी.एस. नेगी (3 जम्मू और कश्मीर लाइट इन्फैंट्री) सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने पुष्पांजलि अर्पित कर मनिंदर सिंह को याद किया।
मनिंदर सिंह के भाई लखविश सिंह अत्री ने उस दर्दनाक दिन को याद करते हुए बताया, “जब जवान 14 फरवरी 2019 को छुट्टी खत्म कर ड्यूटी पर लौट रहे थे, उसी दौरान पुलवामा में आतंकवादी हमला हुआ। 40 जवान शहीद हुए, और मेरा भाई भी उनमें से एक था। मुझे फोन पर उसके संपर्क का इंतजार था, लेकिन आधे घंटे बाद ही पुष्टि हुई कि वह शहीद हो गया। दुख हुआ, लेकिन गर्व भी कि मेरे भाई ने देश के लिए अपना बलिदान दिया।” लखविश ने आगे कहा कि दोनों भाई एक साथ सीआरपीएफ में भर्ती हुए थे। ट्रेनिंग के बाद उन्हें अलग-अलग पोस्टिंग मिली थी—लखविश असम गए और मनिंदर जम्मू में तैनात थे।
मनिंदर सिंह के पिता सतपाल अत्री ने कहा, “आज उन्हें शहीद हुए 7 साल हो गए। मुझे आज भी लगता है कि वह लौटकर मेरे गले लगेगा। वह हमेशा काबिल और मेहनती था। बेटा पढ़ाई के साथ-साथ नौकरी भी करता था, इसी कारण उसने शादी नहीं की।” कांस्टेबल मनिंदर सिंह की बहन शबनम अत्री ने कहा, “उनकी शहादत ने हमारी दुनिया ही बदल दी। वह परिवार में सभी का ख्याल रखते थे, और उनके बिना जीवन कठिन हो गया है।”
शहीद जवानों में श्री आनंदपुर साहिब के रौली गांव के कुलविंदर सिंह और मोगा के जयमल सिंह भी शामिल हैं। कुलविंदर सिंह की स्मृति में उनके परिवार ने उनकी प्रतिमा स्थापित की और भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। कुलविंदर सिंह के पिता दर्शन सिंह ने नम आँखों से कहा, “वह मेरा एकमात्र बेटा था। 14 फरवरी हमारे लिए कभी न भूलने वाला काला दिन है। फिर भी गर्व है कि उसने देश के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया।”
जयमल सिंह की माता सुखजीत कौर ने कहा, “मेरे लिए जीना मुश्किल हो गया है। आज भी जब मैं अपने बेटे को याद करती हूँ, तो वह दृश्य आँखों के सामने आ जाता है।” उन्होंने आग्रह किया कि उनके बेटे के स्कूल का नाम शहीद जयमल सिंह के नाम पर रखा जाए।
Published on:
14 Feb 2026 03:25 pm
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