
Farmers Protest Today : किसान आंदोलन को लेकर अब पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने भी सख्त रूख दिखाया है। न्यायालय ने कहा है कि विरोध किसानों का अधिकार है लेकिन इसके साथ संवैधानिक कर्तव्य भी जुड़ा है। मोटर वाहन अधिनियम के तहत आप किसी भी हाईवे पर ट्रैक्टर और ट्रॉली का इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं। आप ट्रैक्टर और ट्रॉली से अमृतसर से दिल्ली जा रहे हैं।
पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायधीश जीएस संधावालिया व न्यायमूर्ति लपिता बनर्जी की पीठ ने यह टिप्पणी की है। किसानों के प्रदर्शन और उससे हो रही परेशानी पर सुनवाई करते हुए यह बात उच्च न्यायालय ने कही। कार्यवाहक मुख्य न्यायधीश ने मौखिक रूप से पंजाब सरकार को जमा होने से रोकने के लिए निर्देश दिया।
किसानों के दिल्ली कूच हुए दिल्ली की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। बेरिकेड, बोल्डर व कंटेनर से बॉर्डर पर दीवार खड़ी कर दी है। ड्रोन से लगातार नजर रखी जा रही है। हरियाणा से जुड़े तीन बॉर्डर- सिंधु, टीकरी, ढासा को पूरी तरह से बंद कर दिया गया है। दिल्ली के सभी बॉर्डर पर बड़ी संख्या में सुरक्षाबलों की तैनाती की गई है।
पंजाब-हरियाणा बार्डर पर चल रहे किसान आंदोलन में अब संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) भी शामिल हो गया है। एसकेएम अब इस आंदोलन को धार देने में लग गई है। एसकेएम के किसान नेताओं ने कहा है कि ध्यान भटकाने के लिए केंद्रीय मंत्रियों ने पांच फसलों को पांच साल तक एमएसपी खरीद का प्रस्ताव दिया था।
केंद्र सरकार ने किसानों के विरोध प्रदर्शन से जुड़े करीब 177 सोशल मीडिया अकाउंट और वेब लिक को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। हरियाणा और पंजाब में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए सोशल मीडिया अकाउंट और वेब लिंक पर रोक लगाई है। इसके साथ ही सात जिलों में इंटरनेट बंद कर दिया है।
Updated on:
21 Feb 2024 02:03 pm
Published on:
21 Feb 2024 01:55 pm
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