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Sangrur By Election Result 2022: मजह 3 महीने में ही ढह गया भगवंत मान का किला, किन वजहों से मिली हार?

Sangrur By Election Result 2022: संगरूर में आम आदमी पार्टी को हार का सामना करना पड़ा है। यहाँ अकाली दल (अमृतसर) के सिमरनजीत सिंह मान को जीत मिली है। आखिर आम आदमी पार्टी की हार के पीछे के कारण क्या हो सकते हैं?

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Mahima Pandey

Jun 26, 2022

Bhagwant Mann to meet Minister of Water Power  Gajendra Shekhawat Toda

Bhagwant Mann to meet Minister of Water Power Gajendra Shekhawat Toda

पंजाब विधानसभा चुनावों में क्लीन स्वीप करने वाली आम आदमी पार्टी को संगरूर के लोकसभा सीट पर हुए उपचुनाव में बड़ा झटका लगा है। सीएम भगवंत मान के विधायक बनने के बाद खाली हुई लोकसभा सीट पर शिरोमणि अकाली दल (अमृतसर) के उम्मीदवार सिमरनजीत सिंह मान ने जीत दर्ज की है। संगरूर लोकसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव आम आदमी पार्टी की प्रतिष्ठा की लड़ाई कही जा रही थी। ये एक इकलौती लोकसभा सीट थी जो आप के पास थी लेकिन भगवंत मान द्वारा सीट छोड़ने के तीन महीने बाद ही आप का किला ढह गया है। इस हार के पीछे सिद्धू मूसेवाला की हत्या को सबसे बड़ा कारण माना जा रहा है। इसके अलावा AAP के उन वादों को भी अहम माना जा रहा है जिसमें पार्टी ने मुफ़्त बिजली देने और महिलाओं को 1000 रुपये देने की बात कही थी।

मूसेवाला हत्याकांड मामला बना बड़ी वजह
दरअसल, इस सीट से AAP की जीत तो आसान मानी जा रही थी, लेकिन मूसेवाला हत्याकांड ने पूरी बाजी ही पलट दी है। आप सरकार मूसेवाला की हत्या के कारण कानून व्यवस्था को लेकर चारों तरफ से घिरी हुई है।

मान सरकार द्वारा सुरक्षा वापस लिए जाने के बाद सिद्धू मूसेवाला की हत्या हो गई। ये मामला पंजाब हरियाणा हाई कोर्ट पहुँच गया जहां कोर्ट ने सुरक्षा वापस लिए जाने की जानकारी सार्वजनिक करने के लिए मान सरकार को फटकार लगाई थी। इस मामले से युवाओं में आप के खिलाफ रोष बढ़ा तो मूसेवाला के पिता के दर्द को देख वयस्क में भी मान सरकार के खिलाफ गुस्सा बढ़ा। इस मुद्दे को विपक्ष ने भी खूब भुनाया जिससे आम आदमी पार्टी की सभी रणनीतियां धरीं की धरीं रह गईं।

मूसेवाला की हत्या के बाद राज्यभर में कई बड़े दिग्गजों को आए दिन जान से मारने की धमकियाँ मिलना और खालिस्तानी गतिविधियां बढ़ना भी AAP के लिए गले की हड्डी बन गया है। विपक्ष लगातार राज्य में कानून व्यवस्था बिगड़ने को लेकर आप सरकार को घेर रही है।

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चुनावी वादों को पूरा करने की बजाय बनाए बहाने
इसके अलावा आम आदमी पार्टी ने विधानसभा चुनावों से पूर्व आम जनता को मुफ़्त बिजली देने और महिलाओं को हर महीने एक हजार रुपये देने का वादा किया। दोनों ही वादे सरकार बनते ही पूरे करने की बजाय मान सरकार ने बहाने सामने रख दिए। चुनावों में जीत के बाद AAP ने हर महीने 300 यूनिट मुफ़्त बिजली देने की बात तो कही लेकिन उसके साथ कुछ शर्तें रखीं जो आम जनता को नाराज करने के लिए काफी था।

इसके बाद महिलाओं को हर महीने 1 हजार देने के मामले पर आम आदमी पार्टी ने ये बहाना दिया की सरकारी खजाने में पैसे ही नहीं है इसलिए ये वादा अभी तो पूरा नहीं हो सकेगा।

कमजोर उम्मीदवार
इस हार के पीछे एक और कारण आम आदमी पार्टी ने एक मजबूत चेहरे की बजाय गाँव के सरपंच को उम्मीदवार बनाया जाना हो सकता है जिसकी जनता में अपील कमजोर दिखाई दी। वास्तव ये नतीजा आम आदमी पार्टी के 100 दिनों के कार्यकाल पर जनता के फीडबैक के रूप में सामने आया है।

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