
Railway Notice pasted outside Hanuman Temple in Dhanbad said Clear the Temple
सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा किया जाना सामान्य बात है। रेलवे, डाक विभाग, नगर निगम सहित विभागों की जमीन पर अतिक्रमण कर लोग अपना घर-दुकान आदि बना लेते हैं। समय-समय पर ऐसे अवैध कब्जों को हटाने के लिए संबंधित विभाग अतिक्रमण हटाओ अभियान शुरू करता है। जिसमें पहले तो अतिक्रमणकारी को नोटिस भेजा जाता है। बाद में जब नोटिस के बाद भी अतिक्रमण नहीं हटाया जाता तो कानूनी कार्रवाई के साथ-साथ बुलडोजर भी चलता है।
अतिक्रमण हटाने की इस प्रक्रिया से आप सभी भी वाकिफ होंगे। लेकिन अतिक्रमण हटाए जाने को लेकर अब एक ऐसा दिलचस्प मामला सामने आया है, जिसे जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे। दरअसल रेलवे ने हनुमान जी को नोटिस भेजा है। इस नोटिस में कहा गया कि 10 दिन में मंदिर खाली करें अन्यथा कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अब रेलवे द्वारा भेजा गया यह नोटिस सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। लोग यह कह रहे हैं कि कोई हनुमान जी को कैसे नोटिस भेज सकता है।
रेलवे अधिकारियों की लापरवाही का यह मामला झारखंड के धनबाद जिले से सामने आया है। यहां ईस्ट सेंट्रल रेलवे ने हनुमान मंदिर के बाहर यह नोटिस चिपकाया है। नोटिस हनुमान जी के नाम से है और उसमें लिखा गया है कि आपका मंदिर रेलवे की जमीन पर है। वहां अवैध कब्जा किया गया है। नोटिस मिलने के 10 दिनों के अंदर मंदिर हटा लें और जमीन खाली कर दें। नहीं तो आपके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
दरअसल धनबाद के बेकारबांध इलाके में खटीक बस्ती नामक एक मोहल्ला है। रेलवे का कहना है कि इस मोहल्ले के कई मकान-दुकान रेलवे की जमीन पर बने है। इसी में खटीक बस्ती स्थित हनुमान मंदिर भी शामिल है। रेलवे ने हनुमान मंदिर के साथ-साथ आसपास के करीब 300 लोगों को यह नोटिस भेजा है। इधर खटीक बस्ती के लोगों का कहना है कि वे लोग 20 सालों से लोग रेलवे की जमीन पर रह रहे हैं। सभी फल, सब्जी, मछली आदि बेचकर अपना जीवन यापन करते हैं। उनके पास दूसरी जमीन नहीं है। यहां से घर हटा लेंगे तो हमारा आशियाना ही उजड़ जाएगा।
इधर हनुमान जी को रेलवे का नोटिस दिए जाने को रेलवे के अधिकारी ने मानवीय भूल बताया है। सीनियर सेक्शन इंजीनियर धनबाद रेल मंडल एस के चौधरी ने कहा कि ये मानवीय भूल है। नोटिस में गलती से हनुमान जी का नाम लिख दिया गया है। इसे सुधार किया जाएगा। और आगे से ऐसी गलती ना हो इसका भी ध्यान रखा जाएगा। हमारा मकसद किसी की भावनाओं को आहत करना नहीं है।
Published on:
12 Oct 2022 07:09 pm
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