
Railways to install AI-enabled CCTV cameras on locomotives : देश के अलग-अलग इलाकों में रेलवे ट्रैक पर कभी गैस सिलेंडर, कभी साइकिल, कभी पत्थर तो कभी सरिया रखने की घटनाओं के आतंकी कनेक्शन की जांच तो देश की सरकारी एजेंसियां कर ही रही हैं। भारतीय रेलवे ने भी अब अपने स्तर पर ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता करना शुरू कर दिया है। रेलवे अब ट्रेनों मं एआइ संचालित करीब 75 लाख सीसीटीवी कैमरे लगाएगी। कोच के अलावा लोको पायलट को सतर्क करने के लिए लोकोमोटिव (रेल इंजन) में भी कैमरे लगाए जाएंगे।
रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव शीर्ष अधिकारियों के साथ बैठकें कर इंजनों पर लगाए जाने एआई से लैस सीसीटीवी कैमरों की रेंज को अंतिम रूप देने पर चर्चा कर रहे हैं। रेलवे ने सुरक्षा बढ़ाने के लिए करीब 15 हजार करोड़ रुपए की लागत से कोचों और इंजनों में 75 लाख एआई-संचालित सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना बनाई है। एआई तकनीक के कारण कैमरे पटरियों पर संदिग्ध वस्तुओं का पता लगा सकेंगे और ड्राइवरों को आपातकालीन ब्रेक लगाने के लिए सचेत करेंगे। 40,000 कोच, 14,000 लोकोमोटिव और 6000 ईएमयू को एआई-संचालिय सीसीटीवी कैमरों से लैस करने की योजना है।
एक कोच में करीब छह कैमरे होंगे, जबकि लोको पायलट को सतर्क करने के लिए हरेक लोकोमोटिव में चार कैमरे होंगे। पटरी पर संदिग्ध वस्तु का पता लगाने के लिए इंजन के सामने की ओर हाइ रिजॉल्यूशन कैमरे लगाने की योजना है। इसके लिए अक्टूबर में निविदा जारी होने के आसार हैं।
रेलवे इंजन पर एआई-आधारित सीसीटीवी कैमरे लगाने के साथ लाइट डिटेक्शन एंड रेंजिंग (लडार) जैसी तकनीक के उपयोग के विकल्प भी तलाश रहा है। लिडार का उपयोग किसी क्षेत्र का सर्वेक्षण करने के लिए किया जाता है। विमानों में लेजर उपकरण लगाए जाते हैं।
Updated on:
12 Sept 2024 03:25 pm
Published on:
11 Sept 2024 06:22 am
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