भारत जोड़ो यात्रा के बीच कई कांग्रेसी नेता राहुल गांधी को फिर से कांग्रेस अध्यक्ष बनने के लिए मना रहे हैं, लेकिन राहुल गांधी इसके लिए राजी नहीं हो रहे हैं। इसी बीच आज राजस्थान के मुख्यमंत्री केरल में राहुल गांधी से मिलकर अध्यक्ष पद के लिए मनाने की आखिरी कोशिश करेंगे।
कांग्रेस अध्यक्ष पद चुनाव की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे कांग्रेसी नेताओं के बीच सियासी सरगर्मियां बढ़ रही हैं। अभी कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए शशि थरूर और अशोक गहलोत का नाम सामने आ रहा है। हालांकि अभी तक इसको लेकर कुछ फाइनल नहीं हुआ है। वहीं दूसरी ओर कई कांग्रेसी नेता राहुल गांधी को फिर से कांग्रेस अध्यक्ष बनने के लिए मना रहे हैं, लेकिन राहुल सिर्फ एक मुस्कान के साथ इसे टाल रहे हैं। इसी बीच राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत राहुल गांधी से मिलने के लिए केरल के कोच्चि व एर्नाकुलम जा रहे हैं, वहां वो आखिरी बार राहुल गांधी को अध्यक्ष पद के लिए नामांकन भरने के लिए अपनी बात रखेंगे।
इससे पहले बीते दिन बुधवार को दिल्ली में अशोक गहलोत और सोनिया गांधी के बीच लगभग 2 घंटे तक चर्चा हुई, जिसके बाद वह आज राहुल गांधी से चर्चा करने जा रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार अशोक गहलोत आज दोपहर 12 बजे कोच्चि पहुंचेंगे, जहां से वो भारत जोड़ो यात्रा में शामिल होते हुए राहुल गांधी से मुलाकात करेंगे।
सियासी रूप से काफी अहम होगी राहुल गांधी और अशोक गहलोत के बीच यह मुलाकात
राहुल गांधी कई बार फिर से कांग्रेस अध्यक्ष बनने को लेकर इनकार कर चुके हैं। वहीं बीते दिन कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने भी कहा है कि राहुल गांधी नामांकन (24 से 30 सितंबर) के दौरान भारत जोड़ो यात्रा पर ही रहेंगे, वह इस दौरान दिल्ली नहीं जाएंगे। इसका साफ मतलब है कि राहुल गांधी अध्यक्ष पद को लेकर नामांकन दाखिल नहीं करेंगे। इसके बाद भी आज अशोक गहलोत राहुल गांधी को मनाने जा रहे हैं। उन्होंने खुद कहा है कि वह राहुल गांधी को आखिरी बार मनाने करने का प्रयास करेंगे। सियासी रूप से राहुल गांधी और अशोक गहलोत के बीच की यह मुलाकात काफी अहम होगी, क्योंकि इसके बाद साफ तौर पर सामने आ जाएगा कि राहुल गांधी अध्यक्ष पद के लिए नामांकन भरेंगे या नहीं भरेंगे।
अध्यक्ष पद चुनाव को लेकर कांग्रेस के सामने 4 विकल्प
अध्यक्ष पद चुनाव को लेकर मुख्य रूप से कांग्रेस के सामने 4 विकल्प मौजूद हैं, जिसमें पहला विकल्प यह है कि राहुल गांधी को सर्वसम्मति से कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष के लिए चुन ले। दूसरा विकल्प यह है कि कोई भी नेता अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल न करें, जिसके बाद गेंद CWC (कांग्रेस वर्किंग कमेटी) के पाले में चली जाएगी। इसके साथ ही तीसरा विकल्प यह है कि किसी भी एक उम्मीदवार के लिए पार्टी के नेताओं में आम सहमति बन जाए, जिससे चुनाव की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। वहीं चौथा विकल्प यही है कि एक से अधिक नेता कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए नामांकन दाखिल करें, जिससे चुनाव के जरिए अध्यक्ष चुना जाए।
मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह लड़ेगे कांग्रेस अध्यक्ष पद का चुनाव?
मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह आज दिल्ली पहुंच रहे हैं, जो कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात कर सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार वह भी पार्टी के नेताओं की ओर से कांग्रेस अध्यक्ष पद के दावेदार बनाए जा सकते हैं, जिसके बाद कांग्रेस अध्यक्ष पद का यह चुनाव काफी रोचक होने वाला है।
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