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अशोक गहलोत, कमलनाथ समेत इन उम्रदराज नेताओं के भविष्य का आज होगा फैसला

कुछ घंटों बाद हिंदी पट्टी के तीन प्रमुख राज्यों के कई बड़े और उम्रदराज नेताओं के भविष्य का फैसला हो जाएगा।

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हिंदी पट्टी के तीन प्रमुख राज्यों राजस्थान, मध्यप्रदेश व छत्तीसगढ़ के विधानसभा चुनाव परिणाम मुख्य प्रतिद्वंद्वी भाजपा व कांग्रेस के बड़े नेताओं के राजनीतिक जीवन पर असर डालेंगे। इनमें चुनाव लड़ रहे मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान, छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल, राजस्थान में नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़, राजस्थान के पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट, केंद्रीय मंत्री नरेंद्रसिंह तोमर व प्रहलाद पटेल, कैलाश विजयवर्गीय जैसे नेता शामिल हैं। लेकिन चुनाव परिणाम तीनों राज्यों के 70 साल या उससे अधिक के उम्रदराज बड़े नेताओं के राजनीतिक भविष्य के लिए अहम पड़ाव साबित होंगे। ये सभी नेता खुद चुनाव लड़ रहे हैं और 'सिंहासन' के दावेदार हैं।

अशोक गहलोत

उम्र: 72 वर्ष, मुख्यमंत्री, राजस्थान

राजस्थान में कांग्रेस का सबसे बड़ा चेहरा, तीन कार्यकाल में 15 साल मुख्यमंत्री रहे। उम्र के इस पड़ाव पर तय होगा कि राजनीतिक पारी जारी रहेगी या नहीं? सीएम रहते कभी सरकार रिपीट नहीं करा पाए। सीएम चेहरे पर पार्टी मौन लेकिन कांग्रेस जीती तो फिर सीएम, नहीं जीती तो राजनीतिक पारी का भविष्य डांवाडोल।

वसुंधरा राजे

उम्र: 70 वर्ष, पूर्व मुख्यमंत्री

राजस्थान भाजपा का बड़ा चेहरा, दो बार सीएम रहीं लेकिन एक बार भी पार्टी की पुनः सरकार नहीं बना पाईं। प्रदेश भाजपा की गतिविधियों से चार साल रहीं अलग-थलग। बिना घोषित चेहरे के चुनाव लड़ रहीं भाजपा जीती तो सीएम पद की प्रमुख दावेदार, भाजपा हारी या सीएम नहीं बनीं तो राजनीतिक पारी लड़खड़ा सकती है।

कमलनाथ

उम्र: 77 साल, प्रदेशाध्यक्ष, कांग्रेस मप्र

मध्यप्रदेश में कांग्रेस के बड़े चेहरे। पिछले चुनाव में मामूली अंतर से पार्टी की जीत के बाद मुख्यमंत्री के रूप में सवा साल सरकार चलाई। पार्टी में बगावत से सरकार गिरी। इस बार कांग्रेस जीती तो मुख्यमंत्री बनेंगे। यदि कांग्रेस हारी तो उम्र के इस पड़ाव पर राजनीतिक भविष्य दांव पर।

रमन सिंह

उम्र: 71 वर्ष, पूर्व मुख्यमंत्री,छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में भाजपा के बड़े चेहरे। तीन कार्यकाल में 15 साल मुख्यमंत्री रहे। पिछले चुनाव में पार्टी की भारी पराजय के बाद राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बने लेकिन ज्यादा सक्रिय नहीं रहे। प्रमुख नेता होने के बावजूद पार्टी ने सीएम का चेहरा नहीं बनाया। पार्टी जीती तो सीएम पद के प्रमुख दावेदार, सीएम नहीं बनाया गया या भाजपा हारी तो राजनीतिक भविष्य पर सवालिया निशान।

टीएस सिंहदेव

उम्र: 71 वर्ष उपमुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के बड़े चेहरे। पिछले चुनाव में 6 कांग्रेस की बंपर जीत के बाद सीएम के दावेदार थे लेकिन आलाकमान ने भूपेश बघेल को आशीर्वाद 7 चुनाव दिया। ढाई साल बाद सीएम के लिए पार्टी स्तर पर प्रयास विफल होने के बाद पांचवें साल में डिप्टी सीएम पद पर राजी। इस चुनाव में सीएम बनने की इच्छा जता चुके। पार्टी जीती और सीएम नहीं बनाया तो अगला चुनाव नहीं लड़ने की कर चुके हैं घोषणा। पार्टी हारी तो 1 राजनीतिक भविष्य पर विराम संभव।