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राम मंदिर चंदा चोरी: आज हो सकती है टिन्नू यादव की गिरफ्तारी, एक अलग ट्रस्ट बनाने की बात आ रही सामने

Ram Mandir Donations Theft : अयोध्या में राम मंदिर के चंदे के गबन के मामले की एसआईटी गंभीरता से जांच कर रही है। जांच के दौरान कई तथ्य सामने आए हैं।

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भारत

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MI Zahir

Jun 21, 2026

Ram Mandir Donation Theft News

अयोध्या के राम मंदिर के अंदर का नजारा। (फोटो : ANI)

Ram Mandir Donation Theft SIT Investigation : अयोध्या में राम मंदिर में चंदा चोरी मामले की जांच के दौरान कुछ नई जानकारियां सामने आई हैं। मीडिया रिपोटर्स के मुताबिक​ श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के जनरल सेक्रेटरी के करीबी सहयोगी रामशंकर उर्फ ​​'टिन्नू' यादव की आज गिरफ्तारी हो सकती है। जांच में एक अलग ट्रस्ट बनाए जाने की बात आ रही सामने आई है। ध्यान रहे कि 'टिन्नू' यादव, मंदिर के लिए दान में मिले गहनों की कथित चोरी और उन्हें बदलने के मामले में स्पेशल टीम इन​वेस्टिगेशन की जांच के दायरे में हैं। यादव पर औपचारिक आरोप तय हो सकते हैं और उनकी गिरफ्तारी भी हो सकती है। सीता रसोई नामक अलग ट्रस्ट बनाए जाने की बात भी सामने आई है।

7 करोड़ रुपये की हेराफेरी की गई : एसआईटी की जांच में बातें सामने आई

जानकारी के अनुसार, संगठन में बड़े बदलाव भी हो सकते हैं, जिनमें लापरवाही बरतने वाले पदाधिकारियों का स्वेच्छा से पद छोड़ना और एक अलग ट्रस्ट का गठन शामिल है। राजनीतिक नेताओं का आरोप है कि 7 करोड़ रुपये तक की हेराफेरी की गई, एसआईटी की जांच में ये बातें सामने आई हैं। टिन्नू यादव और दान की गिनती करने वाले अन्य कर्मचारियों से बारीकी से पूछताछ की जा रही है।

कर्मचारियों की अचानक संपत्ति बढ़ने व बेहिसाब दौलत के मामले की जांच

जांचकर्ताओं ने यादव समेत संदिग्धों के घरों से नकदी और अज्ञात मात्रा में सोना-चांदी बरामद किया है। यादव समेत आरोपी कर्मचारियों की अचानक संपत्ति बढ़ने और बेहिसाब दौलत के मामले की भी जांच की रही है, जांच का दायरा बढ़ गया है और इसमें सुरक्षा व रिकॉर्ड रखने में हुई उन खामियों की भी पड़ताल की जा रही है, जिनकी वजह से दान में मिली चांदी, हीरे और नकदी को कथित तौर पर नकली चीजों से बदल दिया गया या वे गायब हो गईं।

मेरे पति को बदनाम करने की कोशिश की जा रही ​है: पूनम यादव

इस बीच यादव की पत्नी पूनम यादव ने आरोप लगाया कि यह उन्हें बदनाम करने की साजिश है, और कहा कि उनके परिवार को "मानसिक उत्पीड़न" का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने एएनआई से कहा, “ऐसा कुछ भी नहीं है। क्या किसी के पास कोई ठोस सुबूत है? वे बस उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं; इसमें बिल्कुल भी सच्चाई नहीं है। यह दावा किया जा रहा है कि वहां 50 कमरे, एक हॉस्टल, एक होटल और लग्जरी कारें हैं, ऐसा कुछ भी नहीं है। फिर भी लोग इस तरह के बयान दे रहे हैं। अगर ऐसा कुछ भी होता, तो मैं चीख-चिल्ला कर रो रही होती।

हमने राम मंदिर निर्माण में योगदान दिया था, बाद में पता चला कि अनियमितताओं के आरोप हैं :रस्तोगी

इस बीच आईबीजेए के उत्तर भारत प्रमुख अनुराग रस्तोगी ने कहा, आईबीजेए की ओर से हमने राम मंदिर निर्माण में योगदान दिया था। बाद में मीडिया रिपोर्टों के माध्यम से हमें पता चला कि अनियमितताओं के आरोप हैं और कुछ मदों का उचित हिसाब-किताब नहीं किया गया है। अभी तक हमें प्रत्यक्ष रूप से कोई आधिकारिक शिकायत या आरोप प्राप्त नहीं हुआ है

पता होने के बावजूद गबन के आरोपों को नजरअंदाज करने के कारण जांच के दायरे में आए

इस बीच श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के वरिष्ठ पदाधिकारी कथित तौर पर तथ्यों के बारे में पता होने के बावजूद गबन के आरोपों को नजरअंदाज करने के कारण जांच के दायरे में आ गए हैं। जांच के दौरान, एसआईटी ने ट्रस्ट के पदाधिकारियों द्वारा की गई विभिन्न नियुक्तियों से संबंधित दस्तावेजों की भी जांच की, जिसमें ट्रस्ट की ओर से लंबे समय से मंदिर परिसर में तैनात सुरक्षा अधिकारियों और कर्मचारियों के रिकॉर्ड भी शामिल थे। जांच दल ने अयोध्या में अपना काम पूरा कर लिया है और शनिवार देर रात लखनऊ पहुंच गया है। दल सोमवार को अपनी प्रारंभिक रिपोर्ट प्रस्तुत कर सकता है। मामले से परिचित लोगों ने बताया कि जांच में पता चला है कि ट्रस्ट के पदाधिकारियों के अनुरोध पर या उनसे निकटता के कारण अधिकतर नियुक्तियां उचित जांच-पड़ताल के बिना की गई थीं।

लगभग 800 कर्मचारियों को तैनात किया गया था

ट्रस्ट से जुड़े लोगों के अनुसार, राम मंदिर परिसर में विभिन्न व्यवस्थाओं के लिए लगभग 800 कर्मचारियों को तैनात किया गया है। इनमें से ट्रस्ट ने लगभग 200 कर्मचारियों की नियुक्ति की है। ट्रस्ट ने लॉकर की व्यवस्था, सुरक्षा, जूते-चप्पल प्रबंधन और सफाई के लिए एक निजी कंपनी के कर्मचारियों को नियुक्त किया है। ट्रस्ट ने यज्ञ स्थल पर तैनात पुजारियों, स्वयंसेवकों और वेतनभोगी कर्मचारियों के अलावा तीर्थयात्री सुविधा केंद्र, सेवा केंद्र, पास जारी करने वाले काउंटरों और लेखा कार्यालय के कर्मचारियों की नियुक्ति की है।

महंत संजय दास बोले, पार्टियां भगवान राम के नाम का फायदा न उठाएं

राम मंदिर चंदे की चोरी के मामले पर हनुमानगढ़ी मंदिर के मुख्य पुजारी महंत संजय दास ने कहा, "मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एसआईटी का गठन किया है, इसलिए यह निश्चित है कि सच्चाई सामने आएगी। राम मंदिर के चंदे में जो भी दोषी पाया जाएगा, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसे कड़ी से कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। भगवान राम के नाम का फायदा उठाने वाली राजनीतिक पार्टियों से मेरा अनुरोध है कि वे ऐसा करना बंद करें।

कोई भी व्यक्ति हो, उसे सख्त कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा

महंत संजय दास ने कहा, एसआईटी का गठन सही जांच करने के उद्देश्य से किया गया है। इसलिए किसी को भी इसमें दखल देने या कुछ कहने की जरूरत नहीं है। हां, अगर सच्चाई सामने आती है, तो एसआईटी पहले से ही जांच कर रही है। एसबीआई की जांच के संबंध में अहम बात यह है कि एसबीआई पहले चंदा इकट्ठा करने जाता था, लेकिन बीच में कहीं उसने वहां जाना बंद कर दिया। उसके बाद, ट्रस्ट के माध्यम से चंदा आने लगा, वह जांच जारी है। इसमें जो भी दोषी पाया जाएगा, चाहे वह एसबीआई कर्मचारी हो, ट्रस्ट अधिकारी हो, ट्रस्ट सदस्य हो या निचले स्तर का कोई व्यक्ति हो, उसे कड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।