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रामलिंगम मर्डर केस: भगोड़े अपराधियों की सूचना देने पर मिलेंगे 5 लाख₹, तमिलनाडु, पुडुचेरी में एनआइए की कई ठिकानों पर छापेमारी

प्रतिबंधित संगठन पीएफआइ द्वारा ज़बरन धर्म परिवर्तित करने का विरोध करने पर की गई थी रामलिंगम की हत्या

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Ramalingam Murder Case ₹ 5 lakh will be given for information about fugitive criminals NIA raids several locations in Tamil Nadu Puducherry

अनुराग मिश्रा!नई दिल्ली: प्रतिबंधित संगठन पापुलर फ़्रंट ऑफ़ इंडिया के घोषित अपराधियों से जुड़े कई क़रीबियों की तलाश में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण ने कई जगह छापेमारी की। यह छापेमारी गुरुवार सुबह से शुरू हुई। तमिलनाडु और पुडुचेरी के क़रीब 15 से ज़्यादा ठिकानों पर NIA की अलग अलग टीमों ने छापा मारा।

रामलिंगम की हत्या से जुड़े मामले में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण को कई घोषित भगोड़े अपराधियों की तलाश है। इस हत्या से जुड़े मामले में पाँच लोगों को अपराधी घोषित किया गया है।

हत्या के इस मामले में राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण ने 18 लोगों को आरोपी बनाया है। जिनमें से 5 फ़रार हैं। एनआइए की स्पेशल कोर्ट ने मोहम्मद अली जिन्ना, अब्दुल माजिद, बुर्क़ाद्दीन, साहुल हमीद, नफ़ील हसन को अपराधी घोषित किया है।

पांचों भगोड़े घोषित अपराधियों की जानकारी देने वालों को पाँच लाख रुपये नगद ईनाम की भी घोषणा की गई है।

पॉपुलर फ़्रंट ऑफ़ इंडिया द्वारा तमिलनाडु पुडुचेरी के कई इलाकों में है आर्थिक रूप से कमज़ोर हिंदुओं को ज़बरन धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया जा रहा था जिसको लेकर रामलिंगम प्रतिबंधित संगठन पॉपुलर फ़्रंट ऑफ़ इंडिया का विरोध कर रहे थे। रामलिंगम ने पीएफआइ के इन लोगों से सीधे मोर्चा लिया था। पीएफआइ ने जब देखा कि लोगों में उसकी दहशत कम हो रही है तो लोगों को डराने और दहशत पैदा करने के लिए रामलिंगम की हत्या की गई गई ।