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रामलला के प्राण प्रतिष्ठा की विदेशों में धूम, बुर्ज खलीफा की फेक फोटो वायरल, अमरीका में निकाली गई रैली

Ramlala life consecration: हिंदुओं की भगवान राम में आस्था को देखते हुए और उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए दुनिया की सबसे ऊंची इमारत दुबई के बुर्ज खलीफा पर भी भगवान राम की तस्वीरें प्रदर्शित की गई। हालांकि ये पूरी तरह से भ्रामक है।

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  Ramlala life consecration celebrated abroad Burj Khalifa became Rammay rally organized in America


अयोध्या में 500 साल के बाद आखिरकार भगवान राम का आगमन हो चुका है। 22 जनवरी को प्रधानमंत्री मोदी की मौजूदगी में भगवान राम के प्राण प्रतिष्ठा हुआ। ऐसे मेें भगवान राम के वापस अयोध्या आने की खुशी सिर्फ भारत में ही नहीं विदेशों में भी रही। राम लला के सम्मान में दुबई स्थित दुनिया की सबसे ऊंची बिल्डिंग बुर्ज खलीफा ने अपने डिसप्ले पर भगवान राम की तस्वीर को लगाया गया, जिसकी तस्वीरें अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। वहीं, अमरीका में कार रैली का आयोजन किया गया। कनाडा के दो शहरों ने अपने यहां इस दिन को विशेष दिन घोषित किया है।

बुर्ज खलीफा पर दिखी भगवान राम की तस्वीर

बता दें कि हिंदुओं की भगवान राम में आस्था को देखते हुए और उनकी भावनाओं का सम्मान करते हुए दुनिया की सबसे ऊंची इमारत दुबई के बुर्ज खलीफा पर भी भगवान राम की तस्वीरें प्रदर्शित की गई। बुर्ज खलीफा पर भगवान राम की तस्वीरें अब वायरल हो रही है। सोशल मीडिया यूजर्स इसे खूब शेयर कर रहे हैं। हालांकि राजस्थान पत्रिका ऐसी भी किसी खबर की पुष्टी नहीं करता है।


टाइम्स स्क्वायर पर दिखीं भगवान राम की तस्वीरें

बता दें कि भगवान राम के प्राण प्रतिष्ठा के मौके पर अमरीका के न्यूयॉर्क स्थित टाइम्स स्क्वायर पर भगवान राम की तस्वीरें और अयोध्या के भव्य राम मंदिर की 3डी तस्वीरें प्रदर्शित की गई थीं। साथ ही रामलला की 'प्राण प्रतिष्ठा' समारोह से पहले, 'ओवरसीज फ्रेंड्स ऑफ राम मंदिर' के सदस्यों ने रविवार को न्यूयॉर्क के टाइम्स स्क्वायर में लड्डू बांटे और लोगों से समारोह में शामिल होने की अपील की थी।

कार रैली का किया आयोजन

वहीं, अमेरिका के न्यूयॉर्क टाइम्स स्क्वायर, वाशिंगटन, डीसी, एलए, सैन फ्रांसिस्को, इलिनोइस, न्यू जर्सी, जॉर्जिया सहित बोस्टन जश्न का मनाया गया. इसके अलावा अमेरिका में विश्व हिंदू परिषद ने अयोध्या में राम मंदिर 'प्राण प्रतिष्ठा' समारोह पर गोल्डन गेट ब्रिज पर एक कार रैली का आयोजन किया गया। वहीं, रामलला की प्राण प्रतिष्ठा से पहले मेक्सिको को भी राम मंदिर के रूप में देश का पहला मंदिर मिल गया है। मेक्सिको में बने इस राम मंदिर का उद्घाटन अमेरिका से आए पुजारी ने कराई थी।


कनाडा के दो शहरों में 22 जनवरी को विशेष दिन किया घोषित

भारत और कनाडा के बीच पिछले कुछ महीनों से विवाद चल रहा है और इस वजह से दोनों देशों के संबंधों में भी खटास आई है। पर कनाडा में कई हिंदू रहते हैं। ऐसे में कनाडा के ओंटारियो प्रांत में स्थित ओकविल और ब्रैम्पटन शहरों ने आधिकारिक तौर पर 22 जनवरी को विशेष दिन घोषित कर दिया है। ओकविल के मेयर रॉब बर्टन और ब्रैम्पटन के मेयर पैट्रिक ब्राउन ने अपने-अपने शहरों में रहने वाले हिंदुओं का ध्यान रखते हुए उनकी आस्था का मान रखा और रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के ऐतिहासिक अवसर के दिन को विशेष दिन घोषित कर दिया।

पीएम मोदी के नेतृत्व से हुआ 500 साल का इंतज़ार खत्म

अयोध्या में राम मंदिर में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा से पहले न्यूज़ीलैंड सरकार में रेगुलेशन मंत्री डेविड सेमोर ने जयकारे के साथ न सिर्फ भारत को बधाई दी, बल्कि पीएम मोदी की तारीफ भी की। डेविड ने इस अवसर पर कहा, "जय श्री राम...मैं पीएम मोदी सहित भारत के सभी लोगों को पीएम मोदी के नेतृत्व के लिए बधाई देना चाहता हूं, जिन्होंने 500 सालों के बाद राम मंदिर के निर्माण और रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा को संभव बनाया है। यह अगले 1000 सालों और उसके बाद तक चलने के लिए तैयार है।

मैं पीएम मोदी के लिए साहस और ज्ञान की कामना करता हूं क्योंकि वह भारत में एक बिलियन से अज़्यादा लोगों को आज दुनिया की चुनौतियों से निपटने में मदद करते हैं। मुझे उम्मीद है कि उनमें ताकत और विश्वास होगा। मुझे राम मंदिर के दर्शन करने में खुशी होगी।"

प्रधानमंत्री आवास में मनाई गई दिवाली

बता दें कि रामलला के प्राण प्रतिष्ठा के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली के लिए रवाना हो गए। दिल्ली स्थित उन्होंने अपने 7 कल्याण मार्ग स्थति अपने आवास पंजवटी में दिवाली मनाई। उन्होंने भगवान राम के चित्र के सामने दीपक जलाकर दिवाली मनाया। वहीं पूरे देश भर में एक तरीके से दिवाली मनाई गई।

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