Accident in Rathyatra 2023: इस समय देश के अलग-अलग हिस्सों में पुरी की जगन्नाथ रथ यात्रा के तर्ज पर यात्राएं निकाली जा रही है। ऐसी ही एक रथ यात्रा आज एक बड़े हादसे की शिकार हो गई। करंट की चपेट में आने से 7 लोगों की मौत हो गई, जबकि 18 झुलस गए।
Accident in Rath Yatra 2023: ओडिशा के पुरी से निकलने वाली भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा की तर्ज पर इस समय देश के अलग-अलग राज्यों से यात्राएं निकल रही है। इन रथ यात्राओं में श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बनता है। सैकड़ों-हजारों श्रद्धालु एक साथ होकर भगवान जगन्नाथ के रथ को खिंचते हैं। बुधवार को ऐसी ही एक रथ यात्रा से बड़े हादसे की खबर सामने आई। लोहे से बना रथ एक हाई टेंशन तार की संपर्क में आ गया। जिससे रथ में करंट प्रवाहित होने लगा। इससे रथ को खिंच रहे श्रद्धालुओं को करंट के तेज झटके लगे। जब तक लोग कुछ समझ पाते तब तक 7 लोगों की करंट की चपेट में आने से मौत हो गई, जबकि 15 लोग झुलस गए। यह हादसा बुधवार को त्रिपुरा के उनाकोटि में हुआ।
इस्कॉन मंदिर की ओर से निकाली गई थी यात्रा
हादसे के बारे में त्रिपुरा पुलिस ने बताया कि यह हादसा इस्कॉन मंदिर की ओर से निकाली जा रही 'उल्टा रथ यात्रा' उत्सव के दौरान कुमारघाट इलाके में शाम 4:30 बजे हुआ। श्रद्धालु लोहे से बने रथ को खींच रहे थे। इसी दौरान रथ 133 केवी ओवरहेड केबल के संपर्क में आ गया। पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है। टीम यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि रथ बिजली के तार के संपर्क में कैसे आया।
सीएम ने हादसे पर जताया दुख
इस हादसे पर त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने दुख जताया है। उन्होंने ट्वीट करते हुए लिखा कि हादसे में कई तीर्थयात्रियों की जान चली गई। वहीं, कई लोग घायल हैं। मैं इस घटना से दुखी हूं। पीड़ित परिवारों के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं और घायलों के जल्द स्वस्थ्य होने की कामना करता हूं। इस मुश्किल वक्त में राज्य सरकार पीड़ितों के साथ खड़ी है।
पुरी की रथ यात्रा पूरे विश्व में प्रसिद्ध
भगवान जगन्नाथ को श्रीकृष्ण का अवतार माना गया है। पुरी स्थित जगन्नाथ मंदिर भारत के पवित्र धामों में से एक है। जहां से हर साल पवित्र रथ यात्रा निकाली जाती है। पुरी की जगन्नाथ यात्रा पूरे विश्व में प्रसिद्ध है। हर साल आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीय तिथि से इस रथ यात्रा की शुरुआत होती है। इस दौरान भगवान जगन्नाथ के अलावा उनके बड़े भाई बलराम और बहन सुभद्रा रथ पर सवार होकर जनता का हाल जानने निकलते हैं।
बुधवार को त्रिपुरा में रथ यात्रा के दौरान जो हादसा हुआ, वह उल्टी रथ यात्रा थी। बताया जाता है कि भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा के एक सप्ताह बाद उल्टी रथ यात्रा निकलती है। इसमें भगवान के रथ को पीछे से खींचा जाता है। रथ पर भगवान जगन्नाथ के साथ भगवान बलभद्र और बहन सुभद्रा सवार रहती हैं।
यह भी पढ़ें - पुरी में उमड़े 10 लाख से ज्यादा भक्त, भगवान जगन्नाथ के जयकारों से गूंजा शहर, देखें वीडियो