
स्कूल के छात्र। (फोटो- AI)
केरल के स्कूलों में अब बैक बेंचर्स नहीं दिखेंगे। वहीं, छात्रों के कंधों पर भारी-भरकम बैग का वजन भी कम हो जाएगा। दरअसल, केरल सरकार की स्टेट करिकुलम स्टीयरिंग कमेटी ने स्कूल बैग का वजन कम करने और 'बैक बेंचर्स' को खत्म करने के उपायों पर ड्राफ्ट रिपोर्ट को मंजूरी दे दी है।
केरल के जनरल एजुकेशन और लेबर मंत्री वी शिवनकुट्टी ने यह जानकारी दी है। राज्य सरकार की ओर से गुरुवार को जारी एक ऑफिशियल बयान में कहा गया कि प्रदेश के जनरल एजुकेशन सेक्टर में क्वालिटी वाले बदलाव लाने के मकसद से दो बड़े सुधारों को लागू किया जाएगा।
प्रस्तावित उपायों में छात्रों की शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को सुनिश्चित करने के लिए स्कूल बैग का वजन कम करने और कक्षा को अधिक लोकतांत्रिक बनाने के लिए 'बैक बेंचर्स' को हटाकर एक समान कक्षा का माहौल बनाने पर ध्यान केंद्रित किया गया है।
इससे पहले, स्टेट काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (SCERT) को इन प्रस्तावों का डिटेल में अध्ययन करने का काम सौंपा गया था। इसके आधार पर, रिपोर्ट तैयार की गईं। इसके बाद स्टेट करिकुलम स्टीयरिंग कमेटी की मीटिंग में उन पर डिटेल में चर्चा की गई। फिर, कमेटी ने ड्राफ्ट रिपोर्ट को मंजूरी दे दी।
एजुकेशन प्रोसेस में ज्यादा सामाजिक भागीदारी पक्का करने के लिए ड्राफ्ट रिपोर्ट को पब्लिक कंसल्टेशन के लिए रखा गया है। यह रिपोर्ट SCERT की वेबसाइट पर उपलब्ध होगी। टीचर, माता-पिता, स्टूडेंट्स और आम जनता 20 जनवरी तक इन प्रस्तावों पर अपने सुझाव और राय दे सकते हैं।
पब्लिक फीडबैक पर विचार करने के बाद जनरल एजुकेशन डिपार्टमेंट का टारगेट अगले एकेडमिक साल की शुरुआत से स्कूलों में ये बदलाव लागू करना है। मंत्री ने कहा कि ये सुधार स्कूलों को ज्यादा बच्चों के लिए फ्रेंडली और डेमोक्रेटिक बनाने में मदद करेंगे।
दूसरी ओर, तमिलनाडु, तेलंगाना और केरल सहित छह राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों ने अभी तक क्लास 1 में एडमिशन के लिए 6 साल की न्यूनतम उम्र का नियम लागू नहीं किया है।
सूत्रों ने बताया कि 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने पहले ही अपने एडमिशन नियमों को पॉलिसी के हिसाब से कर लिया है। शिक्षा मंत्रालय ने 2023 में सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को खास निर्देश दिया था।
केंद्र की ओर से कहा गया था कि नेशनल एजुकेशन पॉलिसी (NEP) 2020 और RTE अधिनियम, 2009 के अनुसार, छात्रों को पहली कक्षा में 6 साल की उम्र में ही प्रवेश दिया जाए। पहले 5 साल की उम्र में प्रवेश दिया जाता था, अब यह बदल गया है।
हालांकि, कुछ राज्य क्लास 1 में एडमिशन के लिए अलग-अलग उम्र के नियमों का पालन कर रहे हैं। सूत्र ने कहा- अब तक 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने नियम लागू कर दिया है, लेकिन तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, पुडुचेरी, केरल और छत्तीसगढ़ ने अभी तक निर्देशों को लागू नहीं किया है।
Updated on:
09 Jan 2026 09:46 am
Published on:
09 Jan 2026 09:45 am
बड़ी खबरें
View Allबिहार चुनाव
राष्ट्रीय
ट्रेंडिंग
