Republic Day 2022 Essay: इंडिया में 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है। 15 अगस्त 1947 को भारत ब्रिटिश शासन से आजाद हुआ और 26 जनवरी 1950 को भारतीय संविधान लागू किया गया। भारतीय संविधान का निर्माण डॉ बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर द्वारा 2 साल, 11 महीने और 18 दिनों में किया गया । 2022 को भारत अपना 73वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। गणतंत्र दिवस परेड राजपथ से शुरू होती है और इंडिया गेट पर समाप्त होती है और जिसमे भारत के राष्ट्रपति द्वारा लालकिले पर ध्वजारोहण किया जाता है।
26 जनवरी,गणतंत्र दिवस, पर निबंध: 2022 को भारत अपना 73वां गणतंत्र दिवस मना रहा है। 26 जनवरी 1950 को 10 बजकर 18 मिनट पर भारत का संविधान लागू किया गया और तब से हर साल 26 जनवरी को भारत बड़ी धूम धाम से स्कूलों, कॉलेजों और दूसरे अन्य शैक्षणिक संस्थानों में भी मनाया जाता है। 26 जनवरी, गणतंत्र दिवस , के पावन अवसर पर स्कूल और कॉलेज में वाद-विवाद, भाषण, निबंध प्रतियोगिता आदि जैसे प्रोग्राम भी आयोजित किए जाते हैं जिसमे छात्र/छात्राएं बढ़ चढ़ कर हिस्सा लेते है।
26 जनवरी 1950 को 10 बजकर 18 मिनट पर भारत का संविधान लागू किया गया इसलिए इस दिन को हम रिपब्लिक डे या गणतंत्र दिवस के रूप में मनाते हैं । 26 जनवरी के दिन हमारे देश से अंग्रेजों के कानूनों को हटा कर भारत ने खुद के संविधान को अपनाया था। भारतीय संसद से संविधान लागू होने के बाद भारत एक लोकतान्त्रिक गणराज्य घोषित किया गया। उल्लेखनीय है कि इस दिन यानी 26 जनवरी, 1950 को भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने 21 तोपों की सलामी के साथ ध्वजारोहण किया था।
पूर्ण स्वराज की घोषणा
दिसम्बर 1929 के लाहौर अधिवेशन में पंडित जवाहरलाल नेहरू की अध्यक्षता में इस प्रस्ताव की घोषणा की गई कि अगर ब्रिटिश गवर्नमेंट द्वारा 26 जनवरी 1930 तक भारत को डोमीनियम का दर्जा नहीं दिया गया तो भारत खुद को पूर्ण रूप से स्वतंत्र घोषित कर देगा । जब ब्रिटिश सरकार से कोई जवाब नहीं आया तब भारतीय कांग्रेस द्वारा 26 जनवरी 1930 को पूर्ण स्वराज की घोषणा कर दी गई।
15 अगस्त 1947 को भारत आजाद होने के बाद 9 दिसम्बर 1947 को संविधान सभा बनाने की शुरुआत की और डॉ बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर ने 2 वर्ष 11 माह व 18 दिन में भारतीय संविधान तैयार किया । 26 जनवरी 1950 को भारत सरकार द्वारा भारत में पूर्ण स्वराज घोषित किया गया था और तभी से हम भारतीय 26 जनवरी को गणंतंत्र दिवस के रूप में मानते आ रहे हैं।
भारतीय संविधान के निर्माण के लिए 22 समितियों का चुनाव किया गया। डॉ बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर को सविधान सभा का अध्यक्षत नियुक्त किया गया। सविधान सभा द्वारा भारतीय संविधान निर्माण के लिए 114 दिन की बैठक की गई जिसमे 308 सदस्यों ने भाग लिया। इस बैठक के मुख्य सदस्य डॉ राजेंद्र प्रसाद, पंडित जवहरलाल नेहरू, डॉ भीमराव अम्बेडकर, सरदार वल्लभ भाई पटेल, मौलाना अब्दुल कलाम आजाद आदि थे।
भारतीय संविधान को बनने में कुल 2 वर्ष 11 माह व 18 दिन का समय लगा जिसके बाद 26 जनवरी 1950 को 10 बजकर 18 मिनट पर संविधान देश में लागू किया गया। 26 जनवरी का महत्व बनाये रखने के लिए व भारत के गणतंत्र स्वरूप को मान्यता देने के लिए 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के रूप में मनाया जाता है।