
आरजी कर रेप मर्डर केस में पीड़िता की मां का बयान (X)
RG Kar Rape Murder Case: आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल रेप-मर्डर केस में पीड़िता की मां ने बड़ा बयान देते हुए कहा है कि इस जघन्य अपराध में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने दावा किया कि केवल हत्या और दुष्कर्म के आरोपी ही नहीं, बल्कि सबूत मिटाने और जांच को प्रभावित करने की कोशिश करने वाले सभी लोगों को भी कानून के कठघरे में लाया जाएगा।
बुधवार को एएनआई से बातचीत के दौरान पीड़िता की मां ने कहा कि उन्हें पूरा विश्वास है कि न्यायपालिका की निगरानी में चल रही जांच के जरिए सभी दोषियों की पहचान होगी और उन्हें कानून के अनुसार कड़ी सजा मिलेगी।
अपनी बेटी को याद करते हुए पीड़िता की मां भावुक हो गईं। उन्होंने कहा कि इस जघन्य अपराध को अंजाम देने वाले किसी भी तरह से इंसान नहीं हैं। उन्होंने कहा, जिन लोगों ने मेरी बेटी की हत्या की, वे इंसान नहीं हैं। मैं उन्हें जानती हूं। जिन्होंने अपराध किया और जिन्होंने सबूत छिपाने की कोशिश की, वे सभी अपराधी हैं। कोई भी कानून से बच नहीं पाएगा। सभी पकड़े जाएंगे और उन्हें सजा जरूर मिलेगी। उन्होंने दोहराया कि परिवार का उद्देश्य केवल मुख्य आरोपी को सजा दिलाना नहीं, बल्कि पूरे षड्यंत्र का पर्दाफाश कर सभी दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
इससे पहले पीड़िता के पिता ने भी न्याय मिलने की उम्मीद जताई थी। उनका कहना था कि न्यायिक निगरानी में चल रही जांच से परिवार का भरोसा पहले की तुलना में और मजबूत हुआ है। 27 जून को एएनआई से बातचीत में उन्होंने कहा था कि हालिया गिरफ्तारियों और अदालत की सक्रिय निगरानी से यह उम्मीद बढ़ी है कि उनकी बेटी के मामले में भी सभी दोषियों को कानून के मुताबिक सजा मिलेगी। उन्होंने हाईकोर्ट की निगरानी में हो रही जांच को परिवार के लिए नई उम्मीद बताया।
पीड़िता के पिता ने मामले की शुरुआती जांच को लेकर गठित विशेष जांच दल (SIT) की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए थे। उनका आरोप था कि जांच अपने हाथ में लेने में अनावश्यक देरी की गई और परिवार द्वारा उपलब्ध कराए गए कई महत्वपूर्ण तथ्यों को गंभीरता से दर्ज नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि शुरुआती जांच से असंतुष्ट होकर कलकत्ता हाईकोर्ट ने नई SIT गठित करने का आदेश दिया और जांच के लिए एक महीने का टाइम भी तय किया गया था।
आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की 31 साल की पोस्टग्रेजुएट ट्रेनी डॉक्टर का शव 9 अगस्त 2024 को अस्पताल परिसर स्थित सेमिनार हॉल से बरामद हुआ था। शुरुआती जांच में दुष्कर्म और हत्या की पुष्टि होने के बाद यह मामला पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया। इस घटना के बाद देशभर के डॉक्टरों, मेडिकल छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किए। प्रदर्शनकारियों ने निष्पक्ष और पारदर्शी जांच, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तथा हेल्थ वर्कर्स की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग उठाई।
Updated on:
02 Jul 2026 09:39 am
Published on:
02 Jul 2026 09:27 am
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