
जनसंख्या नियंत्रण पर बात करते हुए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शीतकालीन सत्र के दौरान सदन में महिलाओं को लेकर जिस तरीके के शब्दों का इस्तेमाल किया उसकी निंदा हर तरफ हो रही है। चौतरफा घिरने के बाद सीएम नीतीश कुमार ने अगले ही दिन माफी मांग ली और साफ लहजे में कहा कि अगर मेरे शब्दों से किसी को बुरा लगा है तो वो शर्मिंदा हैं। उन्होंने खुद अपने बयान की निंदा की और दुख प्रकट करते हुए दो बार माफी मांगी। उनके माफी मांगने को देखकर यह लगता है कि एक तरफ जहां नीतीश कुमार इस मामले को 'डैमेज डैमेज' करते दिखे तो उधर बीजेपी पर निशाना साधने के चक्कर में अब लालू प्रसाद यादव की पार्टी आरजेडी ने बेहद आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया है।
आरजेडी ने बेहद अभद्र शब्दों में मणिपुर और महिला पहलवानों के प्रदर्शन की दिलाई याद
नीतीश के बयान पर आरजेडी ने बीजेपी को घेरने के लिए एक्स पर पोस्ट किया। जिसमें आरजेडी ने मणिपुर की महिला के साथ हुई घटना और दिल्ली के जंतर-मंतर पर अंतरराष्ट्रीय मेडल विजेता महिला पहलवानों ने प्रदर्शन का जिक्र किया।
नीतीश का बयान
कल नीतीश कुमार ने कहा "जब शादी होती है तो पुरूष रोज रात में करता है न। उसी में बच्चा पैदा हो जाता है लेकिन जब लड़की पढ़ी होगी तब कहेगी भीतर घुसाओ। लेकिन अंतिम में बाहर निकाल लो..."
पूर्व डिप्टी सीएम सुशील मोदी क्या बोले
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बयान पर बीजेपी नेता सुशील मोदी ने कहा, "भले ही उन्होंने माफी मांग ली है लेकिन पूरा बिहार शर्मसार हुआ है। उन्हें इस तरह का बयान देने की हिम्मत कैसे हुई?...केवल माफी मांगने से काम नहीं चलेगा उन्हें सभी महिलाओं के सामने हाथ जोड़कर ये कहना चाहिए कि उन्होंने बहुत बड़ी गलती की है और आगे ऐसी कभी भी गलती नहीं करेंगे।"
नीतीश कुमार ने अश्लील भाषा का प्रयोग किया- ओवैसी
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बयान पर एआईएमआईएम अध्यक्ष असदुद्दीन औवेसी ने कहा, "वह एक प्रदेश के मुख्यमंत्री है और विधानसभा में उन्होंने जिस तरीके का भाषा का उपयोग किया है वो अश्लील है।...आप कही सड़क पर यह बात नहीं बोल रहे थे उन्हें समझना चाहिए था....मैं मांग करता हूं कि वो अपना बयान विधानसभा में वापस ले और उन्होंने बहुत गलत संदेश बिहार की महिलाओं को दिया है।"
तेजस्वी ने किया था बयान का समर्थन
बिहार के सीएम नीतीश के बयान पर उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने कहा था, "अगर कोई इस बयान का गलत मतलब निकालता है तो ये गलत बात है। मुख्यमंत्री का बयान सेक्स एजुकेशन को लेकर था। जब भी सेक्स एजुकेशन की बात की जाती है तो लोग शर्माते हैं, झिझकते हैं, जिससे बचना चाहिए। इसकी पढ़ाई तो अब स्कूलों में होती है। उन्होंने कहा कि जनसंख्या वृद्धि को रोकने के लिए व्यावहारिक तौर पर क्या किया जाना चाहिए। इसे गलत तरीके से नहीं लिया जाना चाहिए।"
Published on:
08 Nov 2023 02:59 pm

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