
...तब आप मोदी के साथ क्यों थे? साथ देकर भी केजरीवाल को आईना दिखा गई लालू की पार्टी, मनोज झा ने पूछे ये सवाल
Manoj Jha in RajyaSabha Delhi Services Bill: दिल्ली सेवा बिल (Delhi Services Bill) पर लालू यादव की पार्टी RJD ने राज्यसभा में 'AAP' का समर्थन किया है। इस मौके पर RJD के राज्यसभा सांसद मनोज कुमार झा ने सदन में अपनी बात रखते हुए BJP पर जोरदार हमला बोला। लेकिन इस दौरान वो आम आदमी पार्टी (AAP) को भी आईना दिखा गए। भाषण के दौरान मनोज झा बोले- 'हम हमेशा पीड़ितों के ही साथ रहे हैं। मोदी सरकार ने जब जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाने का फैसला किया था तब भी हमने उसका भी विरोध किया था। लेकिन तब आम आदमी पार्टी मोदी सरकार के साथ खड़ी हो गई थी। और आज का समय देख लीजिए अब जब आज वह पीड़ित हैं तो भी हम उनके ही साथ हैं। यही हमारा स्वभाव है।'
विपक्षी दलों को एकजुट होने की वकालत की
सदन में भाषण के दौरान मनोज झा ने कहा कि "कुछ दलों ने इस मुद्दे पर तटस्थता बरती है, लेकिन उन्हें पता होना चाहिए कि यह बिल उनके लिए भी चिंता की बात है। एक बार जब सांप रास्ता देख लेता है तो फिर परेशान ही करता है। उसका यही स्वाभाव है। दिल्ली की स्थानीय सरकार को ज्यादा अधिकार न देने के पंडित नेहरू के एक भाषण जिक्र करने के अमित शाह के भाषण पर भी झा ने तंज कसा।
उन्होंने कहा कि हमारे माननीय गृह मंत्री जी ने नेहरू जी कोट किया। मुझे लगा कि शांति वन में अस्थियां कसमसा गई होंगी। लेकिन उन्होंने कन्हैयालाल माणिकलाल को कोट नहीं किया। उन्होंने दिल्ली को पूर्ण राज्य का दर्जा दिए जाने की वकालत की थी।"
शायरना अंदाज में केजरीवाल पर कसा तंज
आज सदन में पक्ष-विपक्ष दोनों के नेताओं में खूब शायरी पढ़े और अपने विरोधी पर तंज कसा। इस दौरान मनोज कुमार झा ने भी एक शेर भी पढ़ते हुए कहा-तुम तकल्लुफ को भी इखलास समझते हो फराज, दोस्त होता नहीं, हर कोई हाथ मिलाने वाला। इस तरह मनोज झा ने एक तरफ आम आदमी पार्टी के समर्थन की बात कही तो वहीं आर्टिकल 370 पर मोदी सरकार के पक्ष में वोटिंग की याद दिलाकर उन पर तंज भी कस दिया।
दिल्ली सर्विस बिल पारित होने से क्या-क्या बदल जाएगा
यह बिल लोकसभा में पारित हो गई है अब राज्य सभा में भी आ चुकी है जहां से पारित होने के बाद बाद से दिल्ली के मुख्यमंत्री और राज्य सरकार की शक्तियां काफी हद तक कम हो जाएंगी। दिल्ली में जो भी ग्रेड-ए अधिकारी तैनात होंगे, जिनके फैसले से काफी असर पड़ता है, उनपर दिल्ली सरकार का कंट्रोल खत्म होगा और ये शक्तियां उपराज्यपाल (LG) के जरिए केंद्र सरकार के पास चली जाएंगी।
दिल्ली सेवा बिल में नेशनल कैपिटल सिविल सर्विसेज अथॉरिटी बनाने का प्रावधान है। दिल्ली के मुख्यमंत्री इसके अध्यक्ष होंगे। अथॉरिटी में दिल्ली के मुख्य सचिव एक्स ऑफिशियो सदस्य, प्रिसिंपल होम सेक्रेटरी मेंबर सेक्रेटरी होंगे। अथॉरिटी की सिफारिश पर LG फैसला करेंगे, लेकिन वे ग्रुप-ए के अधिकारियों के बारे में संबधित दस्तावेज मांग सकते हैं। अगर अथॉरिटी और एलजी की राय अलग-अलग होगी तो LG का फैसला ही सर्वोपरि माना जाएगा।
आप सांसद संजय सिंह ने कल कहा था भले हीं मोदी सरकार इस बिल को लोकसभा से पास करा लिया है, लेकिन उच्च सदन में हम विपक्षी दल एकजुट होकर इसे गिरा देंगे। लेकिन उनके दावे में दम नहीं है क्योंकि मोदी सरकार को अब नवीन पटनायक की पार्टी बीजेडी का भी साथ मिल गया है। बीजेडी के कारण दोनों सदनों में मोदी सरकार के अंकगणित में भी बढ़ोतरी हो जाएगी, और संजय सिंह के दावे धरे के धरे रह जाएंगे।
Published on:
07 Aug 2023 06:16 pm

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